छत्रपति संभाजीनगर: ज्यादा ब्याज का लालच देकर करोड़ों की ठगी, सरकार ने 75.9 करोड़ की संपत्तियां की जब्त

Sambhajinagar Cooperative Fraud: संभाजीनगर में निवेशकों से करोड़ों की ठगी मामले में राज्य सरकार ने एमपीआईडी कानून के तहत दो सहकारी वित्तीय संस्थाओं की 75.9 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर लीं।
Chhatrapati Sambhajinagar: Fraud Worth Crores Perpetrated by Luring Victims with High Interest Rates; Government Seizes Assets Worth ₹75.9 Crore
Sambhajinagar Financial Scam News ( Source: Social Media )
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Sambhajinagar Financial Scam News: छत्रपति संभाजीनगर ज्यादा ब्याज का लालच देकर आम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 सहकारी वित्तीय संस्थाओं की कुल 75.9 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली।

यह कार्रवाई एमपीआईडी कानून के तहत की गई है, यही नहीं, शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर राज्य सरकार ने संबंधित संपत्तियों को अटैच (संरक्षित) करने के आदेश जारी किए हैं।

यशस्विनी महिला स्वयं सहायता समूह की सहकारी पतसंस्था में अध्यक्ष, संचालक मंडल व बैंक अधिकारियों ने फर्जी कर्ज फाइलें तैयार कर निवेशकों को दगा दिया।

इन पर ज्यादा ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा कराने व बाद में पैसों का गबन करने का आरोप है। अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को पैसे नहीं लौटाने का आरोप है।

मामले में पवन आधाने व अन्य आरोपियों की 61 संपत्तियां व 9 करोड़, 58 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की गई है। राज्य सरकार ने 16 मार्च को आदेश जारी कर कन्नड़ के उपविभागीय अधिकारी को मामले में सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया है।

अजंता अर्बन बैंक में फर्जी एफडी घोटाला

अजंता अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में भी बड़े घोटाले के तहत बैंक के अध्यक्ष, संचालक, अधिकारी व चार्टर्ड अकाउंटेंट ने 36 फर्जी एफडी-अगेन्स्ट लोन खाते खोले। फर्जी बैंक बैलेंस सर्टिफिकेट बनाकर आरबीआई व निवेशकों को गुमराह किया गया। प्रकरण में सिटी चौक पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया व जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।

मामले में अध्यक्ष सुभाष झांबड़ व अन्य आरोपियों की 29 संपत्तियां व बैंक खातों में जमा राशि संग कुल 66 करोड़, 32 लाख रुपये की संपत्तियां 12 मार्च को जब्त की गई। उक्त संपत्ति की देखरेख के लिए छत्रपति संभाजीनगर के उपविभागीय अधिकारी को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

इन अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, डीसीपी रत्नाकर नवले, एसीपी अशोक राजपूत के मार्गदर्शन में की गई। आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक संभाजी पवार संग अन्य अधिकारियों ने जांच कर सरकार को प्रस्ताव भेजा था। इसकी सूचना पर निवेशकों ने खुशी जताते हुए अपने पैसे मिलने की उम्मीद जताई थी।

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