

Nashik Green Shade Net Demand: नासिक/कलवण राज्य में पिछले कुछ दिनों से सूरज की तपिश तेज होने के साथ ही गर्मी से बचाव के लिए ग्रीन नेट (हरी जाली) की मांग में भारी उछाल आया है।
चिलचिलाती धूप से अपनी फसलों और घरों को बचाने के लिए किसानों के साथ-साथ आम नागरिक भी बड़े पैमाने पर इसका उपयोग कर रहे हैं, नर्सरी संचालकों, किसानों और शहरी निवासियों की बढ़ती भीड़ के कारण विक्रेताओं के पास ग्राहकों का तांता लगा हुआ है।
दिन-ब-दिन बढ़ते तापमान और दोपहर की भीषण गर्मी के कारण सब्जियों, फूलों, पौधों और फलों के बागानों को भारी नुकसान होने का खतरा रहता है। इससे सुरक्षा के लिए किसान अब ग्रीन नेट का सहारा ले रहे हैं।
विशेष रूप से नर्सरी व्यवसायी, पॉलीहाउस धारक और ड्रिप सिंचाई के माध्यम से सब्जी उगाने वाले किसान इसकी जमकर खरीदारी कर रहे हैं। केवल खेती ही नहीं, बल्कि शहरी इलाकों में भी ग्रीन नेट का इस्तेमाल बढ़ गया है।
नामरिक अपने घरों की छत्तों, बालकनियों, पार्किंग स्थलों और छोटे बगीचों में छाया करने के लिए इसे लगवा रहे है। वाहनों को धूप से बचाने के लिए भी इसका उपयोग काफी लोकप्रिय हो रहा है, इसके चलते पिछले कुछ दिनों में संबंधित दुकानों की विक्री में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है।
विक्रेताओं के अनुसार, बाजार में वर्तमान में 50 प्रतिशत, 75 प्रतिशत और 90 प्रतिशत तक छाया प्रदान करने वाले विभिन्न प्रकार के ग्रीन नेट उपलब्ध है। इनमें से 50 प्रतिशत छाया वाले नेट की बिक्री सबसे अधिक हो रही है, जबकि नर्सरी और सब्जियों के लिए 75 प्रतिशत वाले नेट की मांग ज्यादा है।
भारी मांग के चलते कुछ स्थानों पर कीमतों में 3 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी देखी गई है। विक्रेताओं का अनुमान है कि अप्रैल और मई में पारा और बढ़ने की संभावना के कारण आने वाले दिनों में मांग और भी बढ़ सकती है।