

Chhatrapati Sambhajinagar Meal Proposal: छत्रपति संभाजीनगर मनपा की सामान्य सभा व स्थायी समिति की बैठकों के लिए प्रस्तावित 590 रुपये प्रति भोजन के साथ ही नाश्ता, चाय, बिस्कुट व पेयजल की दरों का मुद्दा हाल ही में संपन्न स्थायी समिति की बैठक में सामने आया। सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए इन दरों को अव्यावहारिक बताते हुए प्रशासन से पूछा कि इसका आधार क्या है? सदस्यों के आक्रामक अंदाज को देखते हुए स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने प्रस्ताव को मंजूरी देने के बजाए संशोधित प्रस्ताव अगली बैठक में पेश करने के निर्देश भी दिए।
भंडार विभाग ने बैठक में चाय, नाश्ता, भोजन व पेयजल की आपूर्ति के लिए दर निर्धारण का प्रस्ताव पेश किया था जिसकी दरें देखकर सभी की आंखें चकरा गईं, प्रस्ताव के अनुसार नाश्ता 70 रुपये, कप-प्लेट सहित चाय 38 रुपये, 75 से 100 ग्राम बिस्कुट का पैकेट 18 रुपये, भोजन की थाली 590 रुपये और 200 मिलीलीटर पानी की बोतल की दर 7 रुपये निर्धारित की गई थी। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 35 लाख रुपये के खर्च का अनुमान भी प्रस्ताव में शामिल किया गया था।
एड। माधुरी अदवंत ने कहा कि भोजन थाली का मूल्य 590 रुपये है और यह कई पांच सितारा होटलों में मिलने वाले भोजन से भी अधिक है। उन्होंने सार्वजनिक धन के उपयोग में वास्तविक व उचित दरों को आधार बनाने की पुरजोर मांग की।
सदस्यों की आपत्तियों के बाद सभापति मकरिये ने प्रशासन को संशोधित दर सूची तैयार कर अगली बैठक में नया प्रस्ताव पेश करने के निर्देश दिए। स्थायी समिति की बैठक में अतिरिक्त आयुक्त कल्पिता पिपले ने स्पष्ट किया कि, प्रस्ताव में उल्लेखित दरें केवल बाजार भाव के आधार पर अनुमानित बजट तैयार करने के लिए रखी गई हैं।
कहा कि खर्च को मंजूरी मिलने के बाद ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त निविदाओं के आधार पर ही अंतिम दरें व वास्तविक खर्च निर्धारित किया जाएगा,
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान समिति के सदस्य सुरेंद्र कुलकर्णी, राजगौरव वानखेड़े व एड. माधुरी अदवंत ने प्रस्तावित दरों पर आपत्ति जताई। उनका कहना रहा कि बाजार दरों की तुलना में ये मूल्य काफी अधिक हैं।
उन्होंने प्रशासन से पूछा कि इन दरों का आधार क्या है। इस दौरान सुरेंद्र कुलकर्णी ने व्यंग्य करते हुए कहा, जब प्रस्ताव में 38 रुपये की चाय कप-प्लेट सहित का जिक्र है, तो क्या बैठक के बाद कप-प्लेट भी नगरसेवकों को दी जाएंगी? इस पर उपस्थित ठहाके लगाने लगे।