संभाजीनगर तहसील में सबसे ज्यादा 3,326 केस लंबित, जमीन रिकॉर्ड अपडेट में देरी; प्रशासन पर सवाल
Chhatrapati Sambhajinagar Patwari Issue: संभाजीनगर में 10 हजार से ज्यादा फेरफार मामले लंबित हैं। तय 30 दिन की समयसीमा के बावजूद देरी से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
जमीन रिकॉर्ड( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Land Record Delay: छत्रपति संभाजीनगर जिले में जमीन रिकॉर्ड से जुड़े फेरफार मामलों में भारी देरी सामने आई है, तय समय सीमा के बावजूद यह समय पर नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों को पटवारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले में वर्तमान में पटवारी स्तर पर कुल 10,098 फेरफार लंबित हैं, इनमें सबसे अधिक 3,326 मामले छत्रपति संभाजीनगर तहसील में हैं, जो प्रशासनिक कामकाज की धीमी गति को दर्शाता है।
जमीन की खरीद-फरोख्त के बाद उस लेनदेन को सातबारा रिकॉर्ड में दर्ज करना अनिवार्य होता है, जिसे ‘फेरफार’ कहा जाता है। नियम के अनुसार, दस्त पंजीकरण के बाद यदि कोई आपत्ति नहीं है तो 30 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
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मामलों का विवरण
| क्रमांक | श्रेणी | मामलों की संख्या |
|---|---|---|
| 1 | 1 महीने के भीतर के लंबित मामले | 7,823 |
| 2 | 1 से 3 महीने के बीच | 1,086 |
| 3 | 3 महीने से अधिक | 131 |
| 4 | बिना पंजीकरण / विवादित मामले | 1,058 |
पूर्व में चला था विशेष अभियान
इसके बाद पटवारी की ओर से फाइल मंडल अधिकारी के पास भेजी जाती है। लेकिन जमीनी स्तर पर यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो रही है। कई मामलों में किसानों से पैसे की मांग किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
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किसानों के जमीन संबंधी कार्य अटक रहे हैं, जिससे आर्थिक य प्रशासनिक समस्याएं बढ़ रही हैं। इन मामलों के निपटारे के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने पिछले वर्ष ‘फेरफार अदालत’ अभियान चलाया था, जिसके तहत एक महीने में 8 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया गया था। हालांकि, इसके बाद फिर से प्रक्रिया धीमी पड़ गई है व बड़ी संख्या में मामले लंबित हो गए है।
