गुंठेवारी नियमितीकरण को मिली राहत: संभाजीनगर में 6 माह की मोहलत, अब 21 अक्टूबर तक मौका
Sambhajinagar Municipal Corporation: संभाजीनगर मनपा ने गुंठेवारी नियमितीकरण की समय सीमा बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी है। इस फैसले से हजारों नागरिकों को राहत, जो अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे।
- Written By: अंकिता पटेल
संभाजीनगर मनपा फैसला( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Gunthewari Regularization Extension: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की सर्वसाधारण सभा में सोमवार को गुंठेवारी नियमितीकरण प्रक्रिया को छह माह की अतिरिक्त समय सीमा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस फैसले के तहत अब नागरिक 21 अक्टूबर 2026 तक अपनी संपत्तियों को नियमित कर सकेंगे, पहले यह समय सीमा 30 अप्रैल 2026 तक निर्धारित थी।
प्रशासन की ओर से 1 मई से 21 अक्टूबर 2026 तक अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव सभा के समक्ष रखा गया था, जिसे विस्तृत चर्चा के बाद बहुमत से मंजूरी दे दी गई। इस निर्णय से उन हजारों नागरिकों को राहत मिली है, जो अब तक विभिन्न कारणों से नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा के नगरसेवक राजगौरव वानखेडे ने अब तक मंजूर प्रस्तावों और उससे प्राप्त राजस्व का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं सुरेंद्र कुलकर्णी ने नियमितीकरण शुल्क में रियायत देने की जरूरत बताई, नगरसेवक अनिता घोडेले ने सातारा-देवलाई क्षेत्र से मिलने वाले राजस्व को उसी क्षेत्र के विकास पर खर्च करने का मुद्दा उठाया। इसके अलावा बालाजी मुंडे, ओसामा अब्दुल कदीर, काकासाहेब काकडे, त्र्यंबक तुपे और किशोर नागरे ने भी विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव और आपत्तियां रखीं। विजया औताडे ने कुछ लेआउट में अनियमिता गुंठेवारी का मुद्दा भी उजागर किया।
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आंकड़ों में खुलासा, करोड़ों रुपए का हुआ राजस्व संग्रह
नगररचना विभाग के उपसंचालक मनोज गर्जी ने विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए, उनके अनुसार वर्ष 2024-25 में कुल 3862 प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 3317 को मंजूरी दी गई और 55.46 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
वहीं 2025-26 में 9778 प्रस्ताव आए जिनमें से 9301 को स्वीकृति दी गई और 77.13 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। गुंठेवारी नियमितीकरण योजना से महानगरपालिका के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। लगातार बढ़ते आवेदन और नागरिकों की भागीदारी को देखते हुए समयसीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
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प्रशासन को उम्मीद है कि नई समयसीमा के दौरान और अधिक नागरिक आगे आएंगे, जिससे राजस्व में और वृद्धि होगी अंततः व्यापक चर्चा के बाद यह प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया, जिससे शहर के विकास और राजस्व दोनों को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
