गुंठेवारी नियमितीकरण महंगा, बेटरमेंट चार्ज आसमान पर, हर साल 10% बढ़ोतरी; नागरिकों पर भारी बोझ
Sambhajinagar Gunthewari Colonies: संभाजीनगर में गुंठेवारी कॉलोनियों के नियमितीकरण पर बेटरमेंट चार्ज 1,845 रु/वर्गमीटर तक पहुंच गया है। हर साल 10% बढ़ोतरी से हजारों नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Regularisation Policy: छत्रपति संभाजीनगर आम नागरिकों के लिए गुंठेवारी कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया अब बड़ी आर्थिक चुनौती बनती जा रही है। मनपा की ओर से वसूला जा रहा बेटरमेंट चार्ज लगातार बढ़ाए जाने से हजारों संपत्ति धारकों पर भारी बोझ पड़ रहा है। हकीकत यह है कि जिन कॉलोनियों में सड़क, नाली व जलापूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं, वहां भी नियमितीकरण के नाम पर ऊंचा शुल्क वसूला जा रहा है।
वर्ष 2025-26 में बेटरमेंट चार्ज की दर 1,845 रुपए प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनपा ने वर्ष 2010-11 में बेटरमेंट चार्ज में हर वर्ष 10 फीसदी बढ़ोतरी का निर्णय लिया था और तब से यह स्वयं लागू होती आ रही है।
सामान्य सभा के फैसले पर टिकीं निगाहें
नतीजतन, शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत कम रहने वाला शुल्क अब हजारों रुपए तक पहुंच गया है। इसका सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के नागरिकों पर पड़ रहा है। उनके लिए नियमितीकरण की राशि जुटाना बेहद कठिन होता जा रहा है।
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बेटरमेंट चार्ज को कम करने या पूरी तरह समाप्त करने का अधिकार मनपा की सामान्य सभा के पास सुरक्षित है। यही नहीं, शासन के दिशा-निर्देशों के बावजूद गुंठेवारी क्षेत्रों में दरों में बदलाव या समान शुल्क लागू करने का अंतिम निर्णय सामान्य सभा ही ले सकती है। यदि इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाता है, तो हजारों नागरिकों को राहत मिलने की संभावना है।
नियम सख्त, शुल्क कई स्तरों पर लागू
गुंठेवारी गुंठेवारी कानून के तहत मनपा ने सख्त कार्रवाई की है। सच्चाई यह है कि लेआउट मामलों में सेल्फ डेवलपमेंट के बाद ही मंजूरी दी जा रही है, गुंठेवारी संपत्तियों के लिए बेटरमेंट चार्ज की वसूली अनिवार्य की गई है। एक ही प्रक्रिया में कई किस्म के शुल्क लागू होने से नागरिकों की परेशानी और बढ़ गई है।
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राज्य शासन के परिपत्र के अनुसार गुंठेवारी नियमितीकरण में रेडी रेकनर दर लागू की गई है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में यह दर कुछ हद तक किफायती मानी जा रही है। पुराने व घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यही दर आम नागरिकों के लिए भारी साबित हो रही है। कई लोगों के लिए रेडी रेकनर के अनुसार राशि भरकर संपत्ति नियमित कर पाना मुश्किल हो गया है।
पुनर्विचार की उठी मांग
गुंठेवारी नियमितीकरण से अवैध निर्माणों को वैध दर्जा मिलने वाला है, हालांकि, इसके लिए वसूले जा रहे अत्यधिक शुल्क पर नागरिक सवाल उठा रहे है। सभी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध होने के बावजूद बेटरमेंट चार्ज और रेडी रेकनर दर की समीक्षा कर उन्हें व्यवहारिक बनाने की मांग की जा रही है। अब शहरवासियों की नजरे मनपा की सामान्य सभा के निर्णय पर टिकी हुई है।
