Sambhajinagar Drainage Cleaning: मानसून से पहले नालों की सफाई पर मनपा सख्त; नालों पर बनी इमारतों के खिलाफ होगी
Chhatrapati Sambhajinagar Drainage Cleaning: मनपा ने बारिश से पहले नालों की सफाई को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। अब इमारत मालिकों और व्यापारियों को अपने नालों की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर
Chhatrapati Sambhajinagar Drainage Cleaning:
बारिश से पहले शहर में नालों की सफाई तेजी से पूरी करने के लिए मनपा ने सख्त कदम उठाए हैं। नालों पर बनी इमारतों के निवासियों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर के नालों की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने पर नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा स्पष्ट निर्देश स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने अधिकारियों को दिया है।
शहर के करीब 96 किलोमीटर लंबे बड़े नालों की हर साल की तरह इस वर्ष भी मानसून से पहले सफाई की जा रही है। हालांकि, कई इलाकों में नागरिकों, व्यापारियों व दुकानदारों की ओर से नालों में कचरा फेंकने की घटनाएं जारी हैं। इस वजह से नालों का प्रवाह बाधित होता है व बारिश का पानी घरों व दुकानों में घुसने की समस्या होती है। इस स्थिति से बचने के लिए इस बार विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व आयुक्त ने 30 मार्च को हुई बैठक में नदी व नालों पर हुए अतिक्रमण हटाने तथा सफाई कार्य जल्द 45 पूरा करने के निर्देश दिए थे।
सम्बंधित ख़बरें
क्या सुनेत्रा पवार बारामती में तोड़ पाएंगी अजित दादा का रिकॉर्ड? राहुरी में BJP अक्षय कर्डिले का अग्निपरीक्षा
Savarkar Case Pune Court: सावरकर पर कोर्ट में बड़ा बयान, परपोते ने दया याचिकाओं और ब्रिटिश अपील की पुष्टि की
नागपुर में अवैध होर्डिंग्स पर सख्ती: मनपा का हाईकोर्ट में हलफनामा, 10 जोन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
क्या किसानों को खत्म करने के लिए सत्ता में आए हैं? नासिक कुंभ मेला विवाद, भूमि अधिग्रहण पर राजनीतिक बवाल
इसके अनुसार अप्रैल से सफाई कार्य शुरू किया गया। अब तक लगभग 50 से 55 प्रश काम पूरा हो चुका है, ऐसी जानकारी कार्यकारी अभियंता अमोल कुलकर्णी ने दी। शेष कार्य मई के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उपायुक्त अपर्णा थेटे, अभियंता संजय चामले सहित अन्य अधिकारीयों की मौजूदगी में हुई बैठक में पुराने शहर क्षेत्र में नालों पर बने निर्माणों का मुद्दा विशेष रूप से उठाया गया, कई जगह नालों के ऊपर सीधे इमारतें बनाई गई हैं व उनके नीचे से नाले गुजरते हैं।
यह भी पढ़ें:- मुंबई महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: NSO सर्वे में खुलासा-77% इलाज निजी अस्पतालों में
अतिक्रमण से समस्या
- कुछ स्थानों पर नालों में सीधे कचरा डालने की घटनाएं भी सामने आई हैं। पुराने शहर में नालों पर बने अतिक्रमण सफाई कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं। कई स्थानों पर नाले इमारतों के नीचे होने के कारण मशीनों का उपयोग संभव नहीं हो पाता, जिससे जलभराव का खतरा बढ़ जाता है।
- कुछ इमारतों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ नाला सफाई को लेकर करार किए गए हैं, जिसके तहत उन्हें सफाई बनाए रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं होने के कारण अब संबंधित इमारत मालिकों को नोटिस देने का निर्णय लिया गया है।
कचरा फेंकने वालों पर नजर
नालों में कचरा डालने वाले नागरिकों, व्यापारियों व दुकानदारों पर भी सख्त नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना व अन्य कार्रवाई की जाएगी।
