छत्रपति संभाजीनगर: 1 अप्रैल से देश की पहली डिजिटल जनगणना का आगाज, 18 हजार कर्मचारी तैनात
Maharashtra Census: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में 1 अप्रैल 2026 से देश की पहली डिजिटल जनगणना शुरू होगी। जिले में 18 हजार गणनाकर्ता घर-घर जाकर ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Chhatrapati Sambhajinagar Census 2026: देश में पहली बार होने जा रही डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया महाराष्ट्र सहित छत्रपति संभाजीनगर जिले में 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इस जनगणना के लिए जिले में लगभग 18 हजार गणनाकर्ताओं की नियुक्ति की गई है, जो प्रत्येक परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे।
आधुनिक तकनीक के उपयोग से होने वाली इस जनगणना में हर परिवार की संरचना, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी इसके लिए जिले में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी कर्मचारियों को विशेष डिजिटल प्रशिक्षण भी दिया गया है।
जनगणना प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में घरों की सूची तैयार करने का कार्य किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रशासन के अनुसार एक गणनाकर्ता को लगभग 800 लोगों की जानकारी एकत्र करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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छह गणनाकर्ताओं पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त रहेगा और पूरी प्रक्रिया की निगरानी संबंधित तहसील स्तर के अधिकारी करेंगे, नागरिक अपनी जानकारी मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन भी दर्ज कर सकेंगे।
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लोग स्वयं देंगे अपनी जानकारी
1 से 15 मई 2026: छत्रपति संभाजीनगर नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे। 16 मई से 15 जून 2026 गणनाकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी। जुलाई से दिसंबर 2026: एकत्रित आंकड़ों का सत्यापन किया जाएगा, 1 से 28 फरवरी 2027 अंतिम चरण में वास्तविक जनसंख्या की गणना पूरी की जाएगी।
