प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar CTET Exam: छत्रपति संभाजीनगर केंद्र सरकार की शिक्षक पात्रता परीक्षा सीटीईटी व राज्य चुनाव आयोग की ओर से घोषित चुनाव प्रक्रिया एक ही दिन आने से राज्यभर के अध्यापक गंभीर संकट में फंस गए हैं। चुनाव ड्यूटी व परीक्षा एक साथ आने से हजारों अध्यापकों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है।
राज्य प्राथमिक शिक्षक भारती की अगुवाई में संगठनों ने निवासी उपजिलाधिकारी जनार्दन विधाते को ज्ञापन सौंपकर चुनाव 12 या 15 फरवरी के बाद लेने व सीटीईटी परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग की है, ताकि शिक्षकों को परीक्षा देने का मौका मिल सके, चुनाव आयोग के फैसले पर सभी की नजरें लगी हैं।
परीक्षा केंद्र 500 से 600 किमी दूर ज्ञापन में कहा गया है कि कई अध्यापकों को उनके जिले से बाहर 500 से 600 किमी दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। चुनाव ड्यूटी में शिक्षकों की संख्या बड़ी होती है। यदि शिक्षक 7 फरवरी को मतदान ड्यूटी पर रहते हैं, तो इतनी दूर स्थित परीक्षा केंद्रों पर समय पर पहुंचना लगभग असंभव हो जाएगा व हजारों अध्यापक सीटीईटी परीक्षा से वंचित रह सकते हैं।
ज्ञापन सौंपते समय संगठन के पदाधिकारी संतोष ताठे, संजय बुचुडे, राजेश भुसारी, महेंद्र बारवाल, प्रवीण संसारे, सचिन एखंडे, शाकेर अली, बाबासाहेब मंदाड़े, साहेबराव धनराज, धनंजय परदेशी, विजय ढाकरे, देवानंद सुरडकर, शगुफ्ता फारूकी, सुषमा खरे, रोहिणी पिंपरखेड़कर के साथ सैकड़ों की संख्या में अध्यापक गण उपस्थित थे।
हैपी टू हेल्प फाउंडेशन के शेख अब्दुल रहीम ने कहा भी राज्य चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपकर कहा कि सीटीईटी परीक्षा 748 फरवरी को व 7 फरवरी को मतदान प्रक्रिया होने से चुनाव ड्यूटी में तैनात हजारों शिक्षक परीक्षा देने से वंचित रह सकते हैं।
यह भी पढ़ें:-जालना ऑनलाइन ठगी: फर्जी वेबसाइट से लर्निंग लाइसेंस घोटाला, मुख्य आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार
सुप्रीम कोर्ट के । सितंबर 2025 के निर्णय के अनुसार, सभी शिक्षकों के लिए दो वर्षों के भीतर सीटीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
यदि निर्धारित समयसीमा में परीक्षा नहीं हुई, तो न केवल शिक्षक का एक वर्ष व्यर्थ जाएगा, बल्कि उसकी नौकरी पर भी सकट आ सकता है।