
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
District Plan Environmental Policy: छत्रपति संभाजीनगर पर्यावरणीय परिवर्तन के कारण वातावरण, मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता तथा कृषि पद्धतियों पर पड़ रहे प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सरकार के विभिन्न विभागों को अपने-अपने स्तर पर ठोस योजनाएं लागू करनी होंगी।
इन सभी उपायों को समाहित करते हुए जिले का समग्र एक्शन प्लान तैयार किया जाए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने दिए। राज्य सरकार के निर्देशानुसार अमृत शहरों, जिलों एवं राजस्व विभागों में क्लाइमेट एक्शन सेल की स्थापना की जानी है, इसी संदर्भ में आयोजित समीक्षा बैठक में विस्तृत चर्चा की गई।
इस बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रकाश देशमुख, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अभय धानोरकर, मनपा उपायुक्त स्वप्नील राठौड़, माविम के जिला समन्वयक चंदनसिंह राठौड़, सामाजिक वनीकरण विभाग के विभागीय वन संरक्षक संदीप – गिरी, सिंचाई विभाग कार्यकारी अभियंता एसजी शाहपुरे, सहायक वन संरक्षक आशा चव्हाण, नगर परिषद प्रशासन के सहायक आयुक्त ऋषिकेश भालेराव, सिल्लोड मुख्याधिकारी भागवत विधीत, फुलंबी मुख्याधिकारी ज्ञानेश्वर ठोंबरे, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के उपप्रादेशिक संचालक अच्युत नांदवटे, इको सत्ता संस्था की गौरी मिराज, महावितरण के मनीष ठाकरे तथा एमआईडीसी के विभागीय अधिकारी अमित भामरे समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
स्वामी ने कहा कि जिले में हो रहे पर्यावरणीय परिवर्तन, वायु जल व मिट्टी पर उसके दुष्परिणाम, प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को रोकने के लिए सभी विभागों को स्थायी व प्रभावी उपाय सुझाने होंगे।
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इसके लिए प्रत्येक विभाग को अपने दक्षेत्र से संबंचित योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें घन कचरा प्रबंधन, सीवेज एवं अपशिष्ट जल निपटान, भूमि की गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य में सुधार, प्रदूषण नियंत्रण तथा स्वास्थ्य से संबंधित उपायों का समावेश अनिवार्य रूप से होना चाहिए।






