छत्रपति संभाजीनगर: शिक्षा विभाग सख्त, पहली कक्षा प्रवेश के लिए नए नियम लागू, 6 साल उम्र पूरी होना अनिवार्य
Sambhajinagar Class 1 Admission Rule: शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए छह वर्ष आयु अनिवार्य कर दी गई है। 31 दिसंबर 2026 तक उम्र पूरी करने वाले बच्चों को ही प्रवेश मिलेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
Sambhajinagar Education Department ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Education Department: छत्रपति संभाजीनगर शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए पहली कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में प्राथमिक शिक्षा विभाग ने कड़े नियम लागू किए हैं। विभाग के निर्देशानुसार, 31 दिसंबर 2026 तक जिन बच्चों की आयु छह वर्ष पूर्ण होगी, केवल उन्हीं विद्यार्थियों को पहली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।
आयु में एक-दो महीने की भी छूट नहीं दी जाएगी, यह स्पष्ट किया गया है। इस निर्णय के चलते आंगनवाड़ी से पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों की जन्मतिथि की जांच कर ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करें।
शिक्षक समायोजन और भरती प्रक्रिया 15 जून से पहले
समायोजन वर्ष 2025-26 के लिए संबमान्यता (स्टाफ अप्रूवल) अंतिम हो चुकी है। 15 मार्च 2024 के शासन निर्णय के अनुसार पहले अतिरिक्त शिक्षकों का किया जाएगा, उसके बाद रिक्त पदों पर भर्ती और अंत में जिला अंतर्गत व अंतरजिला तबादले किए जाएंगे।
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शालेय शिक्षण व ग्रामविकास विभाग ने समायोजन, भर्ती और तबादलों की प्रक्रिया 15 जून से पहले पूर्ण करने की योजना बनाई है, जिससे नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध रह सकें।
सभी स्कूलों पर आदेश अनिवार्य
संभाजीनगर जिला परिषद और निजी प्राथमिक स्कूलों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस आदेश का पालन करना होगा, जिले में जिला परिषद की लगभग दो हजार से अधिक और करीब 900 निजी प्राथमिक शालाएं है।
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इसके अलावा लगभग 450 स्वतंत्र निजी स्कूल भी संचालित है, पहली कक्षा की तुकड़ियां (सेक्शन) निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू है और छात्र संख्या के अनुसार नियोजन किया जा रहा है।
प्रत्येक वर्ष अंतिम सत्र परीक्षा समाप्त होने से पहले विद्यार्थियों की संख्या तय की जाती है। ताकि शिक्षक अतिरिक्त घोषित न हो। इस वर्ष कुछ अंग्रेजी माध्यम की शालाओं से विद्यार्थी गुणवता के कारण जिला परिषद स्कूलों की ओर रुख करते दिखाई दे रहे हैं।
