मतदाता सूची में लापरवाही: संभाजीनगर में 137 बीएलओ को नोटिस, 7 दिन में काम पूरा नहीं तो निलंबन
Sambhajinagar Voter List Revision: संभाजीनगर में मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही पर 137 बीएलओ को नोटिस। 7 दिन में काम पूरा नहीं करने पर निलंबन और जांच की चेतावनी।
- Written By: अंकिता पटेल
Chhatrapati Sambhajinagar BLO Negligence( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar BLO Negligence: छत्रपति संभाजीनगर मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कर्तव्य पालन में लापरवाही चरतने के मामले में जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने जिले के 137 बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को कारण बताओ नोटिस जारी की है।
नोटिस में निर्देश दिया गया है कि सात दिनों के भीतर सौंपा गया कार्य पूरा कर उसकी पूर्ति की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, अन्यथा तत्काल निलंबन कर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारी के तहत मतदाताओं का मैपिंग, अस्पष्ट फोटो का अद्यतन तथा डेमोग्राफिकल समान प्रविष्टियों की जांच जैसे महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं।
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इन कार्यों की के लिए विभिन्न कर्मचारियों बीएलओ के रूप में नियुक्ति की गई है। जांच में सामने आया है कि जिले के 137 बीएलओ ने अपने दायित्वों का सही तरीके से पालन नहीं किया।
कई स्थानों पर मतदाताओं के घर-घर जाकर मैपिंग का कार्य नहीं किया गया। मतदाताओं के फोटो अद्यतन के लिए आवश्यक फॉर्म-8 जमा नहीं किए गए और उन पर आवश्यक कार्रवाई भी नहीं की गई। इसके अलावा दोहरे मतदाताओं की पहचान और उनके निराकरण की प्रक्रिया भी अधूरी पाई गई।
जिलाधिकारी स्वामी ने जारी किया आदेश
इसमें न्यूनतम तीन महीने से दो वर्ष तक कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर, यानी 23 मार्च तक कार्य पूर्ण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है।
निर्धारित समय में जवाब या कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल निलंबन, विभागीय जाच, प्राथमिकी दर्ज करने से लेकर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जा सकती है, यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित बीएलओ के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। इसमें कम से कम तीन महीने से लेकर दो वर्ष तक कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
काम में मनमानी करने का हुआ खुलासा
इस मामले में जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने सोमवार 16 मार्च को संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी की। नोटिस में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उनकी नियुक्ति बूथ स्तर अधिकारी के रूप में की गई है।
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इसके बावजूद निर्धारित कार्यों का पालन नहीं किया जा रहा है। यदि कर्तव्य का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।
