

Adarsh Cooperative Society Scam Protest: छत्रपति संभाजीनगर में आदर्श नागरी सहकारी पतसंस्था में हुए लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले से प्रभावित जमाकर्ताओं का दर्द बुधवार को एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। पूर्व सांसद और AIMIM नेता इम्तियाज जलील के नेतृत्व में सैकड़ों जमाकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने थालीनाद आंदोलन कर शासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान अनेक जमाकर्ताओं ने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटियों की शादी रुकी हुई है, ऑपरेशन कराने तक के पैसे नहीं हैं और जीवनभर की जमा-पूंजी फंस जाने से पूरा परिवार आर्थिक संकट में है। उन्होंने प्रशासन से अपने हक का पैसा जल्द वापस दिलाने की मांग की।
आदर्श पतसंस्था घोटाला महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से साल 2022 सामने आया था। यह लगभग 200 करोड़ का एक बड़ा वित्तीय घोटाला है। इसमें हजारों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जमा पूंजी फंस गई है। घोटाले का मुख्य आरोपी में आदर्श नागरिक सहकारी पतसंस्था के अध्यक्ष अंबादास मानकापे और अन्य संचालक है।
आरोप है कि बिना किसी गारंटी के लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का कर्ज निकाला गया और रकम हड़प ली गई। कई मामलों में खाताधारकों को पता भी नहीं था और उनके नाम से लोन निकाल लिए गए। इस घोटाले से लगभग 32,000 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं।
वर्ष 2022 में सामने आए आदर्श नागरी सहकारी पतसंस्था घोटाले के बाद हजारों जमाकर्ताओं की वर्षों की मेहनत की कमाई फंस गई। किसी ने नौकरी के दौरान बचत की राशि जमा की थी तो किसी ने खेती बेचकर प्राप्त धन पतसंस्था में रखा था। संस्था के डूबने के बाद आज तक बड़ी संख्या में जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिल सकी है। इसी के विरोध में यह आंदोलन आयोजित किया गया।
बुधवार सुबह से ही छत्रपति संभाजीनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए जमाकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय के सामने एकत्र हुए। दोपहर में तेज बारिश होने के बावजूद आंदोलनकारी डटे रहे और थालियां बजाकर शासन का ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना था कि जब तक जमा राशि वापस नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने कहा कि अपनी जमा राशि मिलने की प्रतीक्षा करते-करते अब तक 75 जमाकर्ताओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य आर्थिक घोटालों के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन आदर्श पतसंस्था प्रकरण में जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी जमाकर्ताओं का पैसा लौटाए बिना दोषियों को राहत नहीं मिलने दी जाएगी।
आंदोलन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कई जमाकर्ताओं ने अपनी आर्थिक और पारिवारिक परेशानियां विस्तार से बताईं। जिलाधिकारी ने उनकी मांगों और समस्याओं को राज्य सरकार तक पहुंचाने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।