‘हैदराबाद गजट…’, मराठवाड़ा में मंत्रियों के काफिले रोके, आत्मदाह की कोशिश, नहीं रोक पायी पुलिस
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में लोगों ने कई मंत्रियों के काफिलों को रोका और आगे नहीं बढ़ने दिया। युवकों ने मंत्रियों के काफिले के सामने नारेबाजी की और मंच पर हंगामा खड़ा कर दिया।
- Written By: प्रिया जैस
अजित पवार और प्रताप सरनाईक (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Marathwada News: मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य मंत्री मराठवाड़ा दौरे पर थे। इन मंत्रियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण और शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। चूंकि राज्य के प्रमुख नेता मराठवाड़ा में हैं, पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। फिर भी, मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
मराठा ओबीसी आरक्षण और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर नागरिकों ने कई जगह मंत्रियों के काफिलों को रोका और नारेबाजी की। कुछ स्थानों पर आत्मदाह की कोशिश भी की गई। मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए हैदराबाद गजट लागू किए जाने से ओबीसी समाज में नाराजगी है और इसका असर मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के कार्यक्रमों में भी दिखाई दिया।
उपमुख्यमंत्री अजित के काफिले के सामने आत्मदाह का प्रयास
ओबीसी पर अन्याय करने वाली महायुति सरकार मुर्दाबाद, हैदराबाद गजट रद्द करो, ओबीसी पर अन्याय मत करो जैसे नारे लगाते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए और कार्यक्रम में गड़बड़ी की। इस दौरान ओबीसी नेता राजू पेरकर समेत कुछ आंदोलनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी प्रकार, बंजारा समाज को हैदराबाद गजेटियर लागू करने की मांग को लेकर छत्रपति संभाजीनगर में रविंद्र पवार ने सिद्धार्थ उद्यान के सामने आत्मदाह करने की बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें समय रहते हिरासत में ले लिया।
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मंच पर युवक का हंगामा
धाराशिव में एक सड़क को मंजूरी मिलने के बावजूद उसका निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने राज्य के पालक मंत्री प्रताप सरनाईक का काफिला रोक दिया। इतना ही नहीं, ध्वजारोहण के दौरान एक युवक ने नारेबाजी करते हुए आंदोलन भी किया। खासापुरी गांव में सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी हैं।
इसी को लेकर गांव के रहने वाले शंकर तात्या चव्हाण ने मंत्री प्रताप सरनाईक के काफिले को रोककर अपना रोष जताया। ध्वजारोहण समारोह के दौरान चव्हाण ने मंच पर जाकर हंगामा किया और जोरदार नारेबाजी की। चव्हाण परांडा तहसील के खासापुरी गांव के निवासी हैं और उन्होंने बताया कि कई बार मांगें करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
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इस बीच, अजित पवार के बीड दौरे के दौरान दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया। उपमुख्यमंत्री अजित का काफिला ध्वजारोहण समारोह के लिए पुलिस ग्राउंड की ओर जा रहा था। तभी दो युवक अचानक उनके काफिले के सामने आ गए और अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। आत्महत्या का प्रयास करने वाले दोनों युवक केज तहसील के कुंभेफल के रहने वाले हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।
