जर्जर सड़कें और बढ़ता ट्रैफिक: स्मार्ट सिटी मीटिंग में बना सुधार का रोडमैप, बैठक में तय विकास एजेंडा

Sambhajinagar Smart City औरंगाबाद स्मार्ट सिटी बोर्ड बैठक में शहर की यातायात समस्या, खराब सड़कों और स्वच्छता सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर। स्मार्ट सिटी परियोजना का नए चरण में प्रवेश।
छत्रपति संभाजीनगर स्मार्ट सिटी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स:सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Smart City News: छत्रपति संभाजीनगर शहर को आधुनिक मूलभूत सुविधाओं और डिजिटल तकनीक से सुसज्जित बनाने के उद्देश्य से औरंगाबाद स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की संचालक मंडल की बैठक गुरुवार को संपन्न हुई।

बैठक में शहर की बढ़ती यातायात समस्या, सड़कों की जर्जर होती स्थिति और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों से स्मार्ट सिटी परियोजना नए चरण में प्रवेश कर रही है।

बैठक में अध्यक्षा विनीता सिंघल, पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, मनपा आयुक्त तथा स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी। श्रीकांत, जिलाधिकारी दिलीप स्वामी, स्वतंत्र संचालक भास्कर मुंडे और उल्हास गवली, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्र जोगदंड तथा मुख्य वित्तीय अधिकारी उत्तम चव्हाण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यालय के भीतर कुछ स्थानों को MRDA को किराए पर देने का प्रस्ताव

स्मार्ट सिटी परियोजना को आर्थिक स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी कार्यालय के भीतर स्थित कुछ स्थानों को महानगर प्रादेशिक विकास प्राधिकरण को किराए पर देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और आगामी परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलेगी। शिकायत करानी होगी दर्ज स्वच्छता व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तैयार किए गए क्लीन स्ट्रीट मोबाइल एप को भी मंजूरी दी गई। इस ऐप के माध्यम से नागरिक अपने क्षेत्र की गंदगी या संबंधित समस्याओं की फोटो अपलोड कर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकेंगे, शिकायत संबंधित विभाग तक तुरंत पहुंच जाएगी। जिससे समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

यातायात की समस्या से मिलेगी राहत

शहर में लगातार बढ़ती वाहन संख्या को देखते हुए प्रमुख सड़कों की क्षमता बढ़ाना आवश्यक हो गया था। इसी पृष्ठभूमि में पांच महत्वपूर्ण मार्गों के व्यापक उन्नयन को सिद्धांततः मंजूरी प्रदान की गई। इन कार्यों पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जिन प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया है, उनमें महानुभाव आश्रम से नक्षत्रवाड़ी (पैठण रोड) तथा सिडको बस स्टैंड से हसूल टी-पॉइंट (जलगांव रोड) सहित अन्य व्यस्त मार्गों का समावेश है।

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर कार्यों को शीघ्र गति देने के निर्देश दिए गए हैं। संचालक मंडल के निर्णयों से शहर में यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे में सकारात्मक परिवर्तन देखने का भरोसा व्यक्त किया जा रहा है। डिजिटल तकनीक की मदद से नागरिकों को अधिक आधुनिक और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

पार्किंग प्रणाली होगी सुचारू

शहर में पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए इंटीग्रेटेड स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम को मंजूरी दी गई है। नई प्रणाली के तहत प्रमुख क्षेत्रों में स्मार्ट पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। वाहन चालकों को मोबाइल पर ही रिक्त पार्किंग स्थल, शुल्क और उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी। ऑनलाइन भुगतान और रियल टाइम मॉनिटरिंग से पार्किंग व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी।

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