छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों का कमाल, ई-वेस्ट से इनोवेशन; 260 छात्रों ने पेश किए 120 प्रोजेक्ट
Chhatrapati Sambhajinagar E-Waste Competition: संभाजीनगर में 'बेस्ट आउट ऑफ ई-वेस्ट' प्रतियोगिता में 35 स्कूलों के 260 छात्रों ने 120 नवाचार परियोजनाएं प्रस्तुत कीं, पर्यावरण जागरूकता पर जोर।
- Written By: अंकिता पटेल
Chhatrapati Sambhajinagar Environmental Awareness ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Environmental Awareness: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका, सीएलएन फर्स्ट और पूर्णम इकोविजन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘बेस्ट आउट ऑफ ई-वेस्ट’ अंतरविद्यालयी प्रतियोगिता की अंतिम फेरी और परियोजना प्रदर्शनी रविवार 15 मार्च को क्लोवर डेल स्कूल, एमजीएम परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
इस प्रतियोगिता में शहर की 35 स्कूलों के लगभग 260 विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए 120 अभिनव परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया।इस प्रतियोगिता का उद्देश्य किद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
अंतिम फेरी में विद्यार्थियों ने ई-कचरे का पुनः उपयोग करते हुए कई उपयोगी और रचनात्मक परियोजनाएं प्रस्तुत की। इन परियोजनाओं में तकनीक का उपयोग, ऊर्जा संरक्षण, स्वच्छता तथा पुनर्चक्रण से जुड़ी अनेक उपयोगी अवधारणाएं देखने को मिलीं।
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कार्यक्रम में सीएसएन फर्स्ट के अध्यक्ष रितेश मिश्रा, महानगरपालिका शिक्षा विभाग के उपायुक्त अंकुश पांढरे, सीएसएन फर्स्ट के मानद सचिव हबीब शेख, कार्यकारी सदस्य गुरप्रीत सिंह बग्गा, दुष्यंत पाटील तथा पूर्णम इकोविजन फाउंडेशन के प्रबंधक सुभाष अंभोरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
उच्च माध्यमिक समूह
कक्षा 8 से 10 तक के स्कूल रहे शामिल
प्रथम – अल्फान्सी इंग्लिश स्कूल।
द्वितीय सेंट मीरा हाईस्कूल।
तृतीय – जागृति हाईस्कूल।
प्रोत्साहन पुरस्कार प्रगति हाईस्कूल।
माध्यमिक समूह (कक्षा 5 से 7)
प्रथम – राधाकृष्ण माध्यमिक विद्यालय।
द्वितीय शारदा मंदिर प्रशाला,
तृतीय- भीडये पाटिल पब्लिक स्कूल,
प्रोत्साहन पुरस्कार – महानगरपालिका विद्यालय एन-11।
नई तकनीकों के माध्यम से समाधान खोजने की जरूरत
उपायुक्त अंकुश पांढरे ने कहा कि ई-कचरा भविष्य की एक गंभीर समस्या बन सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर से ही इस विषय को गंभीरता से समझते हुए नई तकनीकों के माध्यम से समाधान खोजने की आवश्यकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे उपक्रमों में अधिक से अधिक भाग लेने के लिए प्रेरित किया, सीएसएन फस्र्ट के अध्यक्ष रितेश मिश्रा ने विद्यार्थियों की परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि कई परियोजनाओं में इंजीनियरिंग अनुसंधान की संभावनाएं दिखाई देती हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के इन विचारों को आगे बढ़ाने के लिए सीएसएन फर्स्ट सहायता करेगा और कुछ चयनित परियोजनाओं को स्टार्टअप में परिवर्तित करने का प्रयास किया जाएगा।
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कार्यक्रम का संचालन हेमंत लांडगे ने किया, आयोजन को सफल बनाने में अभय राज कपूर, हबीब शेख, चंद्रकला शिंदे, रेवनाथ विसपुते, ललित जाधव तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के एमएसडब्ल्यू विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।
