अंबादास दानवे का महावितरण पर तीखा प्रहार; बोले जनता बिल भरती है, सरकार फंड देती है, फिर भी अंधेरा क्यों?
Ambadas Danve Slams Mahavitaran: अंबादास दानवे ने छत्रपती संभाजीनगर में बिजली संकट को लेकर महावितरण अधिकारियों को फटकारा। फंड के बावजूद लोडशेडिंग और खराब काम पर खड़े किए कड़े सवाल। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
- Written By: गोरक्ष पोफली
बैठक में अंबादास दानवे (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Ambadas Danve Mahavitaran Meeting: छत्रपती संभाजीनगर जिले में पिछले कुछ समय से जारी बिजली संकट और महावितरण की कार्यप्रणाली को लेकर विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अघोषित लोडशेडिंग, बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दानवे ने महावितरण के अधिकारियों और ठेकेदार एजेंसियों को जमकर सवाल किये।
करोड़ों का फंड, फिर भी सुविधाएं शून्य
बैठक के दौरान अंबादास दानवे ने सीधा सवाल उठाया कि जब केंद्र और राज्य सरकार बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये का फंड आवंटित कर रही है, तो उसका लाभ आम जनता तक क्यों नहीं पहुँच रहा? उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, जिले की जनता ईमानदारी से बिजली का बिल भरती है। सरकार की ओर से संसाधनों की कमी नहीं है। इसके बावजूद आम नागरिकों और किसानों को घंटों अंधेरे में क्यों रहना पड़ता है? यह प्रशासन की विफलता है।
ठेकेदारों की मनमानी और भ्रष्टाचार पर निशाना
बैठक में दानवे ने एक गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि कई ठेकेदार एजेंसियों को काम के लिए dvance Payment कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर काम की गति बेहद धीमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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- ठेकेदार घटिया दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- काम समय सीमा के भीतर पूरे नहीं किए जा रहे।
- शिकायत करने के बावजूद एजेंसियां और अधिकारी नागरिकों को कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं देते।
- दानवे ने चेतावनी दी कि अगर ठेकेदारों ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं सुधारी और गुणवत्ता से समझौता किया, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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किसान और आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की लुकाछिपी का सबसे बुरा असर खेती पर पड़ रहा है। लो वोल्टेज और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग के कारण किसानों के पंप और अन्य उपकरण जल रहे हैं। वहीं, शहर में सोलर सिस्टम की स्थापना में आ रही तकनीकी दिक्कतों और महावितरण के असहयोग के कारण भी नागरिक त्रस्त हैं। दानवे ने मांग की कि बिजली।
यह भी थे उपस्थित
इस बैठक में जिले के अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिन्होंने बिजली संकट पर अपनी चिंता व्यक्त की। उपस्थित नेताओं में मंत्री अतुल सावे, सांसद संदिपान भुमरे, डॉ. कल्याण काले, विधायक रमेश बोरनारे, विलास भुमरे, जिला परिषद अध्यक्ष अविनाश पाटिल गलांडे और महापौर समीर राजूरकर शामिल थे।
