अकोट प्रकरण के बाद ओवैसी का सख्त संदेश, एमआईएम नगरसेवकों को नीतिगत फैसलों से दूर रहने का निर्देश
AIMIM Owaisi Statement: अकोट नगरपालिका में एमआईएम नगरसेवकों के भाजपा से गठबंधन के बाद ओवैसी ने कड़ा रुख अपनाया है। नगरसेवकों को स्थानीय स्तर पर नीतिगत फैसले न लेने का निर्देश दिया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Municipal Politics: छत्रपति संभाजीनगर अकोला जिले की अकोट नगरपालिका में एमआईएम के पांच नगरसेवकों के भाजपा संग गठबंधन के बाद पार्टी फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। एमआईएम प्रमुख व सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने नगरपालिका व महानगरपालिकाओं के नगरसेवकों से स्पष्ट रूप से कहा कि वे कोई भी स्थिति में स्थानीय स्तर पर नीतिगत निर्णय न लें।
हैदराबाद में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ओवेसी ने कहा महाराष्ट्र की मनपाओं 125 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं, जो पार्टी के प्रभाव को दर्शाता है। महाराष्ट्र, हैदराबाद व बिहार के पदाधिकारियों के प्रचार में सक्रिय भाग लेने से यह सफलता मिल सकी।
ओवैसी के संवाददाता सम्मेलन के वाद एमआईएम के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व सांसद इम्तियाज जलील भी मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि आगामी जिला परिषद चुनाव में आगामी जिला परिषद चुनाव में उम्मीदवार देने सकारात्मक निर्णय हुआ है। मनपा चुनाव में शहर से निर्वाचित 33 नगरसेवकों को अपने प्रभागों में जाकर जनता का आभार मानने व विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील भी उन्होंने की।
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अकोट के नगरसेवकों को किया निलंबित
असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा को समर्थन देने वाले अकोट नपा के पांच नगरसेवकों को अनुशासनहीनता के चलते कारणे बताओ नोटिस जारी किया गया था, परंतु संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से उन्हें पार्टी से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।
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ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके, ओवैसी ने कहा कि महापौर, उपमहापौर, नगरसेवकों के मनोनयन के लिए मतदान, स्थायी समिति सदस्य या सभापति चुनाव प्रकरण में स्थानीय पदाधिकारी निर्णय न लें व प्रस्ताव हैदराबाद स्थित पार्टी नेतृत्व को भेजें। ओवैसी ने कहा कि वे पश्चिम महाराष्ट्र में प्रचार नहीं कर सके, अन्यथा पार्टी नगरसेवक और बढ़ जाते।
