CJI की ‘तिलचट्टा’ टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर महाबवाल, संभाजीनगर के अभिजीत दीपके ने बनाई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’
Cockroach Janta Party: मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने शुरू की 'तिलचट्टा जनता पार्टी'। 3 दिन में जुड़े 20 लाख लोग। कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर मचा बवाल।
- Written By: अनिल सिंह
'कॉकरोच जनता पार्टी' (फोटो क्रेडिट-X)
Abhijeet Dipke Cockroach Janta Party CJI Remark: सुप्रीम कोर्ट में 15 मई को फर्जी डिग्रियों से जुड़े एक मामले की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ बेरोजगार लोग तिलचट्टों की तरह कानून, मीडिया और आरटीआई (RTI) आंदोलन जैसी प्रणालियों में घुसपैठ कर रहे हैं। हालांकि, बाद में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी देश के आम बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री धारकों के लिए थी; लेकिन तब तक इंटरनेट का पारा चढ़ चुका था। युवाओं ने इसे अपनी डिग्री और रोजगार की स्थिति का अपमान माना।
इसी गुस्से को भांपते हुए छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले पेशेवर पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट अभिजीत दीपके ने 16 मई को एक्स (X) पर एक पोस्ट लिखी – “अगर सारे तिलचट्टे एक साथ आ जाएं तो क्या होगा?” इसके तुरंत बाद उन्होंने मजाक में ‘कॉकरोच जनता पार्टी‘ (सीजेपी) नाम से एक वेबसाइट और गूगल फॉर्म लॉन्च कर दिया। आज की ‘जेन-जी’ (Gen-Z) पीढ़ी के मिजाज को समझते हुए उन्होंने पार्टी में शामिल होने के लिए जो शर्तें रखीं, उसने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते 1 लाख से अधिक युवाओं ने इस सदस्यता फॉर्म को भर दिया।
कौन हैं सोशल मीडिया हिलाने वाले अभिजीत दीपके?
इस वायरल आंदोलन के सूत्रधार अभिजीत दीपके मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया था। हाल ही में वे अमेरिका की प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री लेकर भारत लौटे हैं। अभिजीत को राजनीतिक संदेशों और मीम्स को वायरल करने का पुराना और गहरा अनुभव है।
‘आप’ के मीम किंग और दिल्ली सरकार के सलाहकार
अभिजीत दीपके साल 2020 से 2022 के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) की सेंट्रल सोशल मीडिया टीम के एक प्रमुख रणनीतिकार और स्वयंसेवक रह चुके हैं। साल 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान सोशल मीडिया पर ‘आप’ के पक्ष में आए मीम्स के सैलाब के पीछे अभिजीत का ही दिमाग माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के लिए बतौर कम्युनिकेशन कंसल्टेंट भी अपनी सेवाएं दी हैं। यही कारण है कि वे युवाओं की नब्ज और डिजिटल एल्गोरिदम को बेहद बारीकी से समझते हैं।
मजाक से शुरू हुआ अभियान अब बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
शुरुआत में एक डिजिटल सटायर (व्यंग्य) के रूप में लॉन्च हुई इस ‘तिलचट्टा जनता पार्टी’ को अब देश के बड़े राजनेताओं का भी समर्थन मिल रहा है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व क्रिकेटर व नेता कीर्ति आजाद जैसी प्रमुख हस्तियों ने सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड का खुलकर समर्थन किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक इंटरनेट मीम नहीं है, बल्कि यह देश में बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक, फर्जी डिग्री के भ्रष्टाचार और इसके कारण युवाओं में बढ़ रहे मानसिक तनाव और अवसाद की एक गंभीर अभिव्यक्ति है, जो सरकार के लिए एक चेतावनी की तरह है।
