स्थानीय निकाय चुनाव में बढ़ेगी लेडीजों की भागीदारी, 50 प्रतिशत सीटें होगी महिलाओं के लिए आरक्षित
महाराष्ट्र में जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव का आगाज होने वाला है। जिसको लेकर हाल ही में ये जानकारी मिली है कि अब की बार निकाय चुनाव में 50 प्रतिशत सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रह सकती है।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद स्थानीय निकाय चुनाव का बिगुल बज गया है। जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव लड़ने वालों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस चुनाव में 50 फीसदी महिला आरक्षित होने की संभावना है।
सीटों का आरक्षण घोषित किए जाने के बाद पांच वर्ष के लिए चुने जाने वाले इच्छुकों ने अपने गट व गण में ग्रामीणों से मुलाकात तेज कर दी है। राज्य सरकार ने जिप व पंचायत समिति के अधिनियम में बदलाव कर 20 अगस्त की अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार चुनाव विभाग में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, नागरिकों का पिछड़ा वर्ग व महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का वितरण व चक्र के अनुसार फेरबदल निश्चित किया गया है।
50 प्रतिशत सीटें हो सकती है महिलाओं के लिए रिजर्व
जिले में अनुसूचित जाति के लिए 8, अनुसूचित जमाति के लिए 3 व ओबीसी के लिए 17 गट आरक्षित होने की संभावना है। कुल गटों की 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहने से ग्रामीण महिलाओं को नेतृत्व करने का मौका मिलेगा।
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जिले में बढ़ी गहमागहमी
आरक्षण घोषित होने के बाद राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं और जिले में गहमागहमी बढ़ गई है। चुनाव में जीत हासिल करने के लिए अब तक गायब हुए कथित सामाजिक कार्यकर्ता व विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता लोगों के सुख-दुःख में दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं, सत्तारूढ़ दलों में प्रवेश करने की होड़ लगी हुई है। महायुति व महाविकास आघाड़ी के जरिए चुनाव लड़ने की चाहत रखने वालों की संख्या अधिक है। इसके साथ ही, अन्य छोटे दलों ने चुनाव लड़ने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनाव में राष्ट्रीय, प्रादेशिक दलों के साथ ही अन्य छोटे दलों की दस्तक से राजनीतिक समीकरण बिगड़ने के आसार हैं।
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विकास को मिलेगा प्रोत्साहन
ओबीसी आरक्षण के बारे में अब तक कोई पत्र नहीं मिला है। यह स्पष्ट है कि अन्य पिछड़ा वर्ग अर्थात ओबीसी आरक्षण स्वीकार कर यह चुनाव होगा। इस आलोक में प्रशासन ने ओबीसी के लिए आरक्षित गटों की जानकारी संकलित करने का कार्य शुरू कर दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों ने बताया कि, इन आमूलचूल बदलावों के चलते विभिन्न सामाजिक गटों को स्थानीय निकायों में भाग लेने का अवसर मिलेगा और विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
