Amravati News: अमरावती को होगा सबसे बड़ा लाभ, विदर्भ के सिंचाई इतिहास में नया अध्याय 388 किमी नहर से पश्चिम विदर्भ तक पहुंचेगा पानी 83 हजार हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, अमरावती को बड़ी सौगात सूखे से राहत छह जिलों के लाखों किसानों को मिलेगा फायदा गोसीखुर्द से 64 टीएमसी पानी, खेतखेत तक पहुंचेगी सिंचाई अब किसान ले सकेंगे साल में दो से तीन फसलें 109 गांव होंगे प्रभावित, पुनर्वास की बड़ी चुनौती सिंचाई परियोजना से बढ़ेगा रोजगार और कृषि उद्योग विदर्भ के जल संकट को खत्म करने की बड़ी पहल तहसील वार लाभ धामणगांव रेलवे 33,604 हेक्टेयर नांदगांव खंडेश्वर 49,967 हेक्टेयर
विदर्भ के सिंचाई क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है. राज्य सरकार ने महत्वाकांक्षी वैनगंगानलगंगा नदी जोड़ परियोजना को 94,967 करोड़ रुपये की भारीभरकम प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. इस परियोजना से न केवल पश्चिम विदर्भ की प्यास बुझेगी, बल्कि अमरावती समेत छह जिलों की लाखों हेक्टेयर भूमि सिंचिंत होगी. फोटोवैनगंगा सूखे की पहचान होगी खत्म इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ अमरावती जिले को मिलने वाला है. जिले का कुल 83,571 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आएगा, जो इस परियोजना के तहत किसी भी एक जिले के लिए सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र है.
जिले के धामणगांव रेलवे और चांदूर रेलवे नांदगांव खंडेश्वर तहसीलों के 354 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा. खेत तक पानी पहुंचाने का उद्देश्य परियोजना में छोटेबड़े भंडारण तालाबों के माध्यम से हर गांव के खेत तक पानी पहुंचाने का नियोजन है. यह एक विशाल जल प्रबंधन परियोजना है जो विदर्भ के जल संकट को स्थायी रूप से समाप्त करने की क्षमता रखती है.
गोसीखुर्द बांध से लगभग 64 टीएमसी पानी उठाया जाएगा. 388 किलोमीटर लंबी नहर के जरिए पानी पश्चिम विदर्भ तक लाया जाएगा. जिससे नागपुर, वर्धा, अमरावती, यवतमाल, अकोला और बुलढाना सहित कुल 6 जिले और 15 तहसील लाभान्वित होगी. पूरे विदर्भ में कुल 3,71,277 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा. किसान ले सकेंगे साल में दोतीन फसलें वर्तमान में अमरावती का किसान मुख्य रूप से सोयाबीन और कपास पर निर्भर है. इस परियोजना के बाद संतरा बागों को शाश्वत स्थायी जल मिलेगा.