Riddhapur Vishroli Water Scheme News: महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाली विश्रोली प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के तहत 125 गांवों की पानी सप्लाई पिछले एक सप्ताह से बंद थी।
इस पाइपलाइन में अल्ट्रासोनिक मीटर लगाने का काम पूर्ण होने के बाद शुक्रवार की दोपहर से जलापूर्ति पूर्ववत हुई है। जिससे नागरिकों को काफी राहत मिली है। पिछले दो सप्ताह से मुख्य पाइपलाइन फटने के कारण ग्रामीण पानी की किल्लत से जूझ रहे थे।
मरम्मत के बाद केवल एक दिन जलापूर्ति की थी, जिसके बाद प्राधिकरण ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पाइपलाइन पर अल्ट्रासोनिक जल मीटर लगाने का काम शुरू रहने की जानकारी दी। इस तकनीकी अपग्रेडेशन के कारण आने वाली 10 तारीख तक संबंधित सभी गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह बंद थी।
क्या है अल्ट्रासोनिक जल मीटर यह एक अत्याधुनिक यंत्र है जिसका उपयोग पानी की खपत और प्रवाह की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इससे पानी की बर्बादी रोकने और प्रबंधन में मदद मिलेगी।
पर्यटन नगरी में बीमारियों का खतराएक ओर जहां प्रशासन तकनीक सुधारने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर रिद्धपुर ग्राम में दूषित जलापूर्ति ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। गांव की पानी की टंकियों के पास मुख्य पाइपलाइन का व्हाल्व लीकेज था।
गंभीर बात यह है कि यह व्हाल्व गांव की गंदी नालियों के बीच स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस व्हाल्व के ऊपर से शौचालयों और नालियों का गंदा पानी बहता है। लीकेज के कारण यही दूषित पानी पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंच रहा है।
इस दूषित पानी के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। नागरिकों ने मांग की है कि पाइपलाइन की मरम्मत के साथसाथ इस व्हाल्व को गंदी नालियों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग नागरिकों ने की है।