अमरावती से निकले आदिवासी विद्यार्थियों का लांग मार्च रंग लाया, मंत्री ने 19 मांगों पर दिया लिखित आश्वासन

Students Long March: अमरावती से निकले आदिवासी छात्रों के लॉन्ग मार्च के बाद मंत्री अशोक उईके ने बाभुलगांव पहुंचकर 19 मांगों पर लिखित आश्वासन दिया। विवादित GR रद्द करने और पेसा भर्ती पर सहमति बनी।
Amravati Tribal Students Long March
आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके और आदिवासी विद्यार्थीसोर्स- सोशल मीडिया
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Amravati Tribal Students Long March: बाभुलगांव अमरावती संभाग के आदिवासी विद्यार्थियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर निकाला गया लांग मार्च आखिरकार शासन को जगाने में सफल रहा। 325 आदिवासी विद्यार्थियों की मांगों को लेकर 28 अगस्त को अमरावती से शुरू हुआ लांग मार्च यवतमाल होते हुए बाभुलगांव पहुंचा। यहां कृषि उपज मंडी परिसर में विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में धरना देकर शासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।

आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके रात करीब 11.30 बजे आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से चर्चा कर उनको 19 मांगों को सुना। प्रत्येक मांग पर लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद रात करीब ढाई बजे चर्चा के माध्यम से समाधान निकाला गया। इसके बाद सुबह 9 बजे विद्यार्थियों को बाभुलगांव से आगे के सफर के लिए रवाना किया गया।

कंडिशनल वैलिडिटी' समेत अन्य जटिल शर्तों

कंडिशनल वैलिडिटी समेत अन्य जटिल शर्तों के विरोध में विद्यार्थियों ने आंदोलन किया था। सरकार की ओर से 5 अगस्त 2026 और 14 अगस्त 2026 को जारी दोनों शासन निर्णय रद्द करने की जानकारी दी गई। साथ ही 11 नवंबर 2011 के शासन निर्णय में आवश्यक बदलाव कर एक महीने के भीतर नया जीआर जारी करने का आवासन दिया गया।

इसमें आयुसीमा पूरी तरह समाप्त करने की बात कही गई है। पुणे, मुंबई, नागपुर और संभाजीनगर के विश्वविद्यालय परिसरों में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए नए छात्रावास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन भी दिया गया है। आदिवासी विद्यार्थियों की शेष मांगों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए 1 सितंबर को मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है।

प्रलंबित है कई मांगें

अमरावती संभाग के आदिवासी विद्यार्थियों फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। 26 अगस्त के पत्र के अनुसार पेसा क्षेत्र में 17 में से 9 संवगों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शेष 8 संवर्गो की भर्ती भी तत्काल शुरू करने के आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिए जाने की जानकारी दी गई।

छात्रावासों में लागू डीबीटी तथा आश्रमशालाओं में शुरू की गई सेंट्रल किचन व्यवस्था 15 दिनों में रद्द कर विद्यार्थियों को ताजा भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू करने का आश्वासन दिया गया है।

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आंदोलनकारियों पर पुलिस-प्रशासन की कड़ी निगरानी

बाभुलगांव अमरावती संभाग के आदिवासी विद्यार्थियों काआंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भी बाभुलगांव में पूरी रात मोर्चा संभाले रखा, जिला पुलिस अधीक्षक कुमार चिता, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक अशोक बोरात, उपविभागीय पुलिस अधिकारी अमोल कोली, उपजिलाधिकारी अनिरुद्ध बक्षी, उपविभागीय अधिकारी गोपाल देशपांडे, धारणी आदिवासी परियोजना अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला, प्रभारी तहसीलदार सय्यद यामीन तथा थानेदार दीपमाला भेडे शाम 6 बजे से रात करीब 4 बजे तक मौके पर मौजूद रहे।

बाभूलगाव, कलंब और यवतमाल पुलिस के साथ राज्य रिजर्व पुलिस बल के जवानों को भी तैनात किया गया था। वाहनों के बड़े काफिले के कारण आंदोलन स्थल ने पूरी तरह छावनी का रूप ले लिया था। दिनेश मडावी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर ठोस भूमिका अपनाई।

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