श्रीराम महिला भजन मंडल : 25 वर्षों से समाज के लिए कार्य कर रहे भजन मंडलों को मिले पेंशन
Amravati News: अमरावती की मंगरूल चवाला की 'श्रीराम महिला भजन मंडल' ने भजन मंडलियों के लिए पेंशन व अन्य योजनाओं की मांग की है। वे 25 वर्षों से संत विचारों का प्रसार कर रही हैं।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mahila Bhajan Mandal Pension News: अमरावती जिले के मंगरूल चवाला स्थित ‘श्रीराम महिला भजन मंडल’ जैसी भजन मंडलियां, जो पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से संत विचारों का प्रसार कर रही हैं, ने सरकार से अपने सदस्यों के लिए पेंशन योजना और अन्य योजनाओं का लाभ शुरू करने की मांग की है। ये मंडलियां समाज में आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
ये महिला मंडल राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज, संत तुकाराम महाराज, संत ज्ञानेश्वर महाराज और अन्य संतों द्वारा रचित अभंग और भजनों को गाकर उनके विचारों को लोगों तक पहुंचाते हैं। ये मंडलियां तहसील के गांवों में आयोजित होने वाली भजन दिंडियों में भाग लेती हैं और मंदिरों व घरों में भजन के माध्यम से समाज प्रबोधन का कार्य करती हैं।
भजन मंडल में 30 से अधिक महिलाएं शामिल
‘श्रीराम महिला भजन मंडल’ में 30 से अधिक महिलाएं शामिल हैं, जिनमें गुंफा प्रल्हादराव गावनेर, मंगला इंझलकर, सुलोचना गावनेर, सुरेखा पिंपलकर, तारा सोनोने, प्रभा मुल्हार, प्रमिला शिंदे, मिरा साबले, रुख्मा टांगले, संगीता टेवरे और अन्य महिलाएं शामिल हैं।
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भजन मंडलों ने अपनी समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि उनके पास भजन के लिए आवश्यक वाद्ययंत्रों और साहित्य की कमी है, जिससे उनके कार्य में बाधा आती है। उनका मानना है कि सरकार को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये मंडलियां समाज को सही दिशा दिखाने का एक बड़ा काम कर रही हैं।
भजन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली इन महिलाओं और पुरुषों को सरकार की ओर से पेंशन योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए, जिससे वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने इस पवित्र कार्य को जारी रख सकें।
