शिरजगांव कसबा में बारिश से पुल जाम, मलबा और कचरे से रुका पानी का बहाव
Megha River Bridge: अमरावती के चांदुरबाजार तहसील के शिरजगांव कसबा में तेज बारिश के बाद मेघा नदी पुल और नालों में जमा मलबे व कचरे से पानी का बहाव रुक गया।
Megha River Bridge (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Shirajgaon Kasba Rain: सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने चांदुरबाजार तहसील के शिरजगांव कसबा क्षेत्र में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। लगातार हुई तेज बारिश के कारण मेघा नदी पर बने पुल तथा शिरजगांव कसबाकरजगांव मार्ग पर छोटे नालों के पुलों में बड़ी मात्रा में कचरा, मलबा और गाद जमा हो गई।
इससे पानी का बहाव रुक गया और देखते ही देखते पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि करीब चार घंटे तक इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहा। पुल के दोनों ओर छोटेबड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मानसून से पहले सफाई नहीं होने का खामियाजा
यातायात बाधित होने से नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी, किसान और अन्य यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहे। कई लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने पानी कम होने का इंतजार किया। लगातार बारिश और सड़क पर जलभराव के कारण क्षेत्र में सामान्य जनजीवन भी प्रभावित रहा।
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सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बारिश शुरू होने से पहले पुलों और नालों की नियमित सफाई नहीं कराई गई। पूरे वर्षभर जमा हुआ कचरा, प्लास्टिक, पेड़पौधों की टहनियां और गाद पुलों के नीचे फंस गई, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई। परिणामस्वरूप सड़क पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। यदि समय रहते सफाई कराई जाती तो इस तरह की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता था।
साप्ताहिक बाजार में घुसा पानी
बुवाजी का नाला अवरुद्ध होने से शिरजगांव कसबा के साप्ताहिक बाजार में भी बाढ़ का पानी घुस गया। पानी भरने से बाजार परिसर की कई दुकानों में रखा सामान भीग गया, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अचानक पानी भरने से दुकानदारों को सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
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स्थानीयों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों के अनुसार मेघा नदी पर बने दोनों बड़े पुल तथा शिरजगांव कसबाकरजगांव मार्ग पर ईदगाह के पास स्थित पुल की भी समय पर सफाई नहीं होने से पहली ही तेज बारिश में पुल मलबे से जाम हो गया। लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले पुलों और नालों की सफाई की जाती है, लेकिन इस बार लापरवाही बरती गई, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ा।
प्रशासन से की स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए पुलों और नालों की नियमित सफाई, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने तथा संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जाए। लोगों का कहना है कि समय पर रखरखाव होने से यातायात बाधित होने और बाजारों में जलभराव जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
सफाई के दिए आदेश
लोनिवि चांदुरबाजार के उपविभागीय अभियंता नीलेश चौधरी ने कहा कि नई सड़क निर्माण के कारण मुख्य मार्ग एमएसईआरडीसी को हेंडओवर किया हुआ है उसकी रखरखाव कि जिम्मेदारी एमएसईआरडीसी की है। धाकड़ी पूरा स्थित पुल की सफाई के लिए आदेश दिए गए। साथ ही सभी पुलों की सफाई तुरंत की जाएगी।
