मेलघाट से 200 से अधिक आदिवासी बच्चों को बाहर भेजने पर उठे सवाल, जांच के आदेश

Harisal Ashram School: धारणी तहसील के हरिसाल से 200 से अधिक आदिवासी बच्चों को चार निजी बसों से दूसरे जिलों की आश्रम शालाओं में भेजे जाने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
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Tribal Children (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Melghat Tribal Children: मेलघाट की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को धारणी तहसील के हरिसाल बस स्टैंड से चार निजी बसों के माध्यम से 200 से अधिक आदिवासी बच्चों को जिले से बाहर स्थित विभिन्न आश्रम शालाओं के लिए रवाना किया गया। इस घटना के बाद स्थानीय शिक्षा व्यवस्था, सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक निगरानी पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मेलघाट क्षेत्र में जिला परिषद, सरकारी और अनुदानित आश्रम शालाएं उपलब्ध हैं, तो बच्चों को दूसरे जिलों में क्यों भेजा जा रहा है।

बच्चों को नहीं थी विद्यालय की जानकारी

ग्रामीणों के अनुसार तीन बसों में करीब 150 से अधिक तथा चौथी बस में 60 से अधिक बच्चे सवार थे। बच्चों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे आश्रम शाला में पढ़ने जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश बच्चे अपने विद्यालय का नाम तक नहीं बता सके। कुछ छोटे बच्चों को अपने गांव का नाम भी स्पष्ट रूप से याद नहीं था। इससे बच्चों के प्रवेश और उनके मार्गदर्शन की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।शिक्षकों के अलगअलग जवाबबसों के साथ मौजूद शिक्षकों से जानकारी लेने पर अलगअलग जवाब मिले।

हरिसाल से 200 से अधिक बच्चे रवाना

किसी ने बच्चों को भातकुली की अनुदानित आश्रम शाला भेजे जाने की बात कही, तो किसी ने बोंडे और गुडे का नाम बताया। वहीं एक बस चालक ने बताया कि बच्चे श्रीकृष्णाजी मते अनुदानित आश्रम शाला, उखली मौजा चंदेवाडी, तहसील कारंजा, जिला वर्धा ले जाए जा रहे हैं। एक शिक्षक ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से मेलघाट के बच्चों को जिले से बाहर स्थित आश्रम शालाओं में भेजा जाता रहा है।शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालघटना सामने आने के बाद नागरिकों ने सवाल उठाया कि यदि मेलघाट में पर्याप्त शैक्षणिक संस्थाएं उपलब्ध हैं, तो बच्चों को दूसरे जिलों में भेजने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।

लोगों का कहना है कि इससे बच्चों को अपने परिवार और क्षेत्र से दूर रहना पड़ता है। नागरिकों ने शिक्षा विभाग, आदिवासी विकास विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही मेलघाट के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, शिक्षा की गुणवत्ता तथा जिले से बाहर संचालित आश्रम शालाओं की वैधता और वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जांच की मांग की है।

मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी

धारणी एकात्मिक आदिवासी प्रकल्प कार्यालय , प्रकल्प अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जानकारी लेकर सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। बच्चों को जिले से बाहर भेजने की प्रक्रिया, संबंधित संस्थाओं और नियमों का परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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