अमरावती: रिद्धपुर में गंदे पानी से डायरिया का भारी प्रकोप, एक ही परिवार के कई लोग चपेट में, 50 बीमार
Amravati Water Contamination: ऐतिहासिक नगरी रिद्धपुर में दूषित जलापूर्ति के कारण डायरिया फैलने से करीब 50 लोग बीमार हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर सर्वे और प्रभावितों का इलाज शुरू किया है।
- Written By: केतकी मोडक
दूषित जलापूर्ति प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- AI)
Amravati Diarrhea Outbreak Water Contamination: अमरावती जिले के ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी रिद्धपुर में पिछले दो दिनों से डायरिया का भारी प्रकोप देखा जा रहा है। दूषित पानी की आपूर्ति के कारण अब तक करीब 50 लोगों के बीमार होने की आशंका है। इनमें से 19 मरीजों को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। अन्य मरीजों का इलाज गांव के निजी अस्पतालों और चांदूर बाजार के अस्पतालों में चल रहा है। कई घरों में तो एक ही परिवार के 4 से 5 लोग इस बीमारी की चपेट में हैं।
नालियों के बीच से गुजर रहीं पाइपलाइनें
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से स्थानीय ग्राम पंचायत की पेयजल योजना की पाइपलाइनों में कई जगहों पर लीकेज है। गांव के लगभग सभी वार्डों में पाइपलाइनें लीकेज पाई गई हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के पास ही पिछले 5 सालों से मुख्य पाइपलाइन में एक बड़ा लीकेज है, जिसे ठीक करने में ग्राम पंचायत प्रशासन नाकाम रहा है।
पेयजल की अधिकांश पाइपलाइनें गंदी नालियों के बीच से होकर गुजरती हैं। लीकेज के कारण बने गड्ढों में आवारा कुत्ते बैठे रहते हैं और नालियों का गंदा पानी इसी सप्लाई में मिल जाता है, जिससे पूरा गांव दूषित पानी पीने को मजबूर है। करोड़ों रुपये खर्च करके बनाई गई मुख्य नालियों की मानसून से पहले सफाई नहीं की गई, जिसके कारण अब नालियां ऊपर से बह रही हैं। सड़कों पर पालतू मवेशियों को बांधने और गंदगी के कारण पूरे इलाके में दुर्गंध फैली हुई है।
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जांच के लिए सैंपल भेजे जा रहे
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकुंद मेश्राम ने कहा है कि पानी की जांच के लिए सैंपल भेजे जा रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत को भी नोटिस (पत्र) जारी किया गया है। अब तक 19 मरीजों का प्राथमिक उपचार किया गया है। सभी कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं और संबंधित उच्च अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।
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स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत की सक्रियता
डायरिया फैलने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के शफातउल्ला खान और मयूर सयले ने गांव में डोर-टू-डोर (घर-घर) सर्वे शुरू कर दिया है और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट सौंपी है। दूसरी ओर ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए आज सुबह जलापूर्ति योजना की तीनों पानी की टंकियों को खाली कर उनकी सफाई की गई। ग्राम विकास अधिकारी नीलेश पवार ने बताया कि टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर डालकर उन्हें फिर से भरा जा रहा है और पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
