

Bhandara Snake In Hospital: भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील के कुड़ेगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी में फर्श की दरारों से लगातार नाग प्रजाति के सांप निकलने की घटनाओं ने मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल परिसर में जहरीले सांपों की आवाजाही के कारण उपचार के लिए आने वाले लोगों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्मित इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 7 स्वास्थ्य उपकेंद्र तथा 25 गांव शामिल हैं। इन गांवों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं। मानसून के दौरान वायरल एवं अन्य मौसमी बीमारियों के कारण मरीजों की संख्या और बढ़ जाती है।
पिछले कुछ महीनों से अस्पताल के बाह्य रोगी कक्ष ओपीडी, मरीज भर्ती कक्ष, शौचालय तथा अन्य कमरों की फर्श में बड़ीबड़ी दरारें पड़ गई हैं। कुछ स्थानों पर फर्श जमीन में धंस भी गई है। स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन द्वारा इस संबंध में जिला परिषद भंडारा के स्वास्थ्य एवं निर्माण विभाग को मरम्मत के लिए अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
लगातार हो रही बारिश के कारण फर्श की दरारों से नाग प्रजाति के सांप नियमित रूप से बाहर निकल रहे हैं। दिनदहाड़े अस्पताल परिसर में सांप दिखाई देने से मरीजों और कर्मचारियों में भय व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज या कर्मचारी को सांप ने काट लिया तो गंभीर हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और निर्माण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो अस्पताल बंद होने की नौबत आ सकती है, जिससे 25 गांवों के लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी।
ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से तत्काल भवन की मरम्मत की स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
कुड़ेगांव के पूर्व उपसरपंच गोविंदराव बरड़े ने कहा कि, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की फर्श में पड़ी दरारों से पिछले कुछ दिनों से लगातार नाग प्रजाति के सांप निकल रहे हैं।
जहरीले सांपों की मौजूदगी मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। उन्होंने प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर फर्श की मरम्मत कराने की मांग करते हुए कहा कि लापरवाही के कारण कभी भी जनहानि हो सकती है।