राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के 58वें पुण्यतिथि महोत्सव पर गुरुकुंज आश्रम में उमड़ा लाखों भक्तों का जनसैलाब

Rashtrasant Tukdoji Maharaj Death Anniversary: अमरावती के श्रीक्षेत्र गुरुकुंज आश्रम में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के 58वें पुण्यतिथि महोत्सव पर लाखों श्रद्धालु पहुंचे।
rashtra sant tukdoji maharaj 58th death anniversary gurukunj ashram
तुकडोजी महाराज 58वां पुण्यतिथि महोत्सव(सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के 58वें पुण्यतिथि महोत्सव पर अमरावती के श्रीक्षेत्र गुरुकुंज आश्रम में महाराष्ट्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से लाखों गुरुदेव भक्त पहुंचे।

  • राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज ने 11 अक्टूबर 1968 को शाम 4 बजकर 58 मिनट पर महानिर्वाण प्राप्त किया था।

  • विभिन्न जिलों से पालकियां, दिंडियां और पताकाएं लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने भजन, खंजरी, टाल-मृदंग और हरिनाम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना दिया।

Gurukunj Ashram Amravati: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के 58वें पुण्यतिथि महोत्सव पर शुक्रवार को श्रीक्षेत्र गुरुकुंज आश्रम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। अखिल भारतीय गुरुदेव सेवामंडल की ओर से आयोजित मौन श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महाराष्ट्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लाखों गुरुदेव भक्तों ने दोपहर 4 बजकर 58 मिनट पर अश्रुपूरित नेत्रों से राष्ट्रसंत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूरा आश्रम परिसर भक्ति, भावुकता और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज ने 11 अक्टूबर 1968 को शाम 4 बजकर 58 मिनट पर महानिर्वाण प्राप्त किया था। उनकी स्मृति में पिछले 57 वर्षों से गुरुकुंज आश्रम में यह मौन श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जा रहा है।

rashtra sant tukdoji maharaj 58th death anniversary gurukunj ashram
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज पुण्यतिथि(सोर्सः सोशल मीडिया)

'गुरुदेव हमारा प्यारा' अर्चना गीत के साथ मुख्य कार्यक्रम शुरू

एक ही समय पर लाखों श्रद्धालुओं द्वारा अनुशासित तरीके से मौन श्रद्धांजलि अर्पित करना इस आयोजन की विशेष पहचान है। कई जिलों से पहुंची पालकी व दिंडियां कार्यक्रम से पहले राज्य के विभिन्न जिलों से पालकियों, दिंडियों और पताकाओं के साथ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। 'श्रीगुरुदेव की जय' और 'भारत माता की जय' के जयघोष, खंजरी भजन, टाल-मृदंग और हरिनाम के गजर से आश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा। दोपहर 3 बजे 'गुरुदेव हमारा प्यारा' अर्चना गीत के साथ मुख्य कार्यक्रम शुरू हुआ।

rashtra sant tukdoji maharaj 58th death anniversary gurukunj ashram
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव मतगणना: नागपुर, अमरावती, मराठवाड़ा और पुणे सीटों पर देर रात तक कड़ा मुकाबला जारी

कार्यक्रम में धर्मगुरुओं ने अपने-अपने धर्म की प्रार्थनाएं प्रस्तुत की

कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम्, बौद्ध, जैन और ईसाई धर्मों के धर्मगुरुओं ने अपने-अपने धर्म की प्रार्थनाएं प्रस्तुत कीं। मानवता, समानता और विश्वशांति के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया। राष्ट्रवंदना और आरती के साथ समारोह का समापन हुआ।

इस अवसर पर गुरुदेव सेवामंडल की अध्यक्षा पुष्पा बोंडे, संचालक कीर्तिकुमार भांगड़िया, सर्वाधिकारी प्रकाश वाघ, उपसर्वाधिकारी बाबाराव पाटिल, महासचिव जनार्दन बोथे, प्रचार प्रमुख गोपाल कडू सहित सांसद बलवंत वानखडे, पूर्व सांसद नवनीत राणा, विधायक राजेश वानखड़े, पूर्व विधायक यशोमती ठाकुर तथा धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का नियोजन आध्यात्मिक विभाग प्रमुख डॉ. राजाराम बोथे ने किया।

rashtra sant tukdoji maharaj 58th death anniversary gurukunj ashram
अकोला में आर-पार के मूड में शिवसेना: 70 हजार नोटिस के बाद भी 30 को समृद्धि महामार्ग पर चक्का जाम

दोपहर 4.58 बजे थम गई लाखों भक्तों की आवाजें

करीब दो घंटे तक श्रद्धालु ध्यानस्थ होकर आध्यात्मिक वातावरण में लीन रहे। निर्धारित समय पर महाद्वार की विशाल घंटी बजते ही ठीक 4 बजकर 58 मिनट पर लाखों भक्तों ने हाथ जोड़कर राष्ट्रसंत की महासमाधि की दिशा में मौन श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कुछ समय के लिए राष्ट्रीय महामार्ग पर यातायात रोका गया। परिसर की दुकानें और ध्वनिक्षेपक भी बंद रखे गए, जिससे चारों ओर गहरा सन्नाटा छा गया।