

शिवसेना UBT ने 30 अक्टूबर को समृद्धि महामार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन का ऐलान किया।
विधायक नितिन देशमुख ने किसानों को पूरी फसल नुकसान भरपाई देने की मांग की।
सरकार की 5,000 रुपये की अस्थायी सहायता को अपर्याप्त बताया।
देशमुख ने दावा किया कि विदर्भ के करीब 70 हजार शिवसैनिकों को पुलिस ने नोटिस जारी किए हैं।
शिवसेना ने प्रभावित किसानों को एक लाख रुपये की सहायता देने की मांग की थी।
Nitin Deshmukh Samruddhi Mahamarg: अकोला जिले में किसानों को दीपावली से पहले 5,000 रु। की अस्थायी सहायता देने के बजाय संपूर्ण फसल नुकसान की भरपाई की राशि दी जाए, पुलिस कितने भी नोटिस जारी करे, शिवसेना (UBT) 30 अक्टूबर को समृद्धि महामार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन करेगी, यह आक्रामक रुख शिवसेना के उपनेता एवं विधायक नितिन देशमुख ने अपनाया है।
उन्होंने दावा किया कि आंदोलन रोकने के लिए विदर्भ के करीब 70 हजार शिवसैनिकों को पुलिस ने नोटिस जारी किए हैं। इसके बावजूद आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। गुरुवार को आयोजित पत्र परिषद में उन्होंने यह स्पष्ट किया।
सरकार ने सूखे जैसी स्थिति घोषित कर किसानों के साथ अन्याय किया है। इसके बाद दीपावली से पहले केवल 5,000 रु. की सहायता देने की घोषणा कर किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।
सरकारी आदेश के माध्यम से किसानों को गुमराह किया जा रहा है। शिवसेना ने किसानों के हित में सभी प्रभावित किसानों को एक लाख रु.की सहायता देने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सूखे और
अतिवृष्टि से संकट में फंसे किसानों को अस्थायी राहत के बजाय फसल नुकसान का पूरा मुआवजा मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर 30 अक्टूबर को समृद्धि महामार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
देशमुख ने आरोप लगाया कि आदोलन की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन ने शिवसैनिकों की इसमें शामिल नहीं होने के नोटिस जारी किए हैं, उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के लिए शिवसैनिक जेल जाने को भी तैयार है। शिवसैनिकों ने पुलिस के नोटिस को आआंदोलन में शामिल होने कर प्रमाणपत्र बताते हुए अपनी प्रतिवद्धता जताई।
आंदोलनकारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की विधायक देशमुख ने कहा कि अआंदोलन में शामिल होने वाले किसानों और शिवसैनिकों को सुरक्षा उपलब्ध कराना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। पुलिस को नोटिस जारी करने के बजाय आंदोलन के दौरान किसानों का सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने वेतावनी दी कि आन्दोलनकारियों के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी, पत्र परिषद में शिवसेना उबाठा के जिला प्रमुख गोपाल दातकर, नागपुर जिला प्रमुख मुकेश मुरूमकार, शहर प्रमुख आशीष गावंडे, जिला संगठक भूषण भिरड, तहसील प्रमुख संजय भाबेरे सहित शिवसेना के पदाधिकारी और शिवसैनिक उपस्थित थे।