एडवांस पेमेंट नहीं तो पेट्रोल नहीं; कंपनियों की नई ‘पॉलिसी’ ने बढ़ाई आम जनता की मुश्किलें, पंपों पर लगी भीड़
Fuel Crisis Rumors: पेट्रोल-गैस खत्म होने की अफवाह से शहर में हड़कंप! पंपों और गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें। 'पैनिक बाइंग' और एडवांस पेमेंट नियम ने बिगाड़े हालात। प्रशासन की अपील।
- Written By: प्रिया जैस
अमरावती के पेट्रोल पंप में भारी भीड़ (सौजन्य-नवभारत)
Petrol Pump Long Queues: गत 25 दिनों से ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के चलते पेट्रोल डीजल तथा गैस की मांग को लेकर शहर में संभ्रम का माहौल है। अफवाह के चलते जन सामान्य शहर के सभी पेट्रोल पंप पर भीड़ देखी जा रही है। शहर के कुछ पेट्रोल पंप पर कंपनी द्वारा माल आने में विलंब होने पर इंधन खत्म हो गया है। इस बीच पेट्रोल डीजल कंपनी द्वारा अपनी पॉलिसी में बदलाव कर, अब पेट्रोल पंप धारकों से एडवांस में राशि मांग रहे हैं।
जो पेट्रोल पंप धारक एडवांस में राशि नहीं भेज रहे। उनको माल की आपूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे पेट्रोल पंप पर माल नहीं होने से दोपहर के बाद कई पेट्रोल पंप बंद होते नजर आए। वही कई गैस एजंसियों के सामने ग्राहकों की लंबी कतारे नजर आई। माल न होने की अफवाह उड़ने पर नागरिक बेवजह घबराहट महसूस कर रहे हैं।
ईंधन की कोई कमी नहीं : लांडे
जिला आपूर्ति अधिकारी निनाद लांडे ने बताया कि शहर में पेट्रोल- डीजल तथा गैस सिलेंडर उपयुक्त मात्रा में उपलब्ध है। किसी भी नागरिक को इसे लेकर तनाव में आने की आवश्यकता नहीं। प्रशासन मांग के अनुसार आपूर्ति को लेकर सतर्क हैं। अफवाह के चलते वाहन धारक नियमित जितने रुपए का पेट्रोल-डीजल लेते थे, वह अब डबल और उससे अधिक का ईंधन भरवा रहे हैं। इसके चलते पेट्रोल पंप पर ग्राहकों की कतारें लग रही है। शहर के विलास नगर, इतवारा बाजार तथा गाडगे नगर के कुछ पेट्रोल पंप को छोड़कर शहर के सभी पेट्रोल पंप पर माल उपलब्ध है।
सम्बंधित ख़बरें
बदलापुर जिमखाना में शुरू हुआ राज्य स्तरीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट, बनाया जाएगा इनडोर स्टेडियम
खरात प्रकरण में रुपाली चाकणकर को गिरफ्तार किया जाए, कांग्रेस की महिला प्रदेशाध्यक्ष सव्वालाखे की मांग
ACB के शिकंजे में अपर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर , 22,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
भंडारा पुलिस की अवैध शराब अड्डों पर छापेमारी, विशेष अभियान के तहत हजारों रुपये की शराब जब्त
ब्लैक में माल बेचने की संभावना
शहर के अनेक पेट्रोल पंप पर कुछ युवक अपने वाहन में फुल टैंक करवा रहे हैं। और कुछ देर पश्चात पुनः आकर लाइन में लगकर गाड़ी का टैंक फुल करवा रहे हैं। वैसे तो ऐसे युवक 100 से 150 रुपए का पेट्रोल भरवाते हैं, लेकिन अब टैंक फुल करवा रहे हैं। पेट्रोल पंप धारक यदि इन्हें इंधन देने में आनाकानी करते हैं, तो वे झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। इससे शंका निर्माण हो रही है कि ऐसे युवक पेट्रोल कहां ले जा रहे हैं। इसकी जांच प्रशासन ने करना जरूरी है।
- ‘ईंधन पर्याप्त’, फिर भी पैनिक बाइंग जारी
- अफवाहों ने बिगाड़े हालात, डबल भरवा रहे लोग
- एडवांस पेमेंट नियम से आपूर्ति पर असर
- ब्लैक में बिक्री की आशंका, जांच की मांग
- प्रशासन की अपील, अफवाहों पर न करें विश्वास
- पेट्रोल-डीजल पर नहीं कमी, फिर भी बाजार में डर
इस युद्धजन्य स्थिति के चलते पेट्रोल डीजल की तरह गैस सिलेंडर का माल उपलब्ध नहीं होने की अफवाह के चलते शहर के कुछ गैस एजेंसी के यहां ग्राहकों की लंबी-लंबे कतारें लगी है। जबकि कुछ गैस कंपनी में माल नहीं होने से आगामी एक दो दिनों में माल आने पर बुकिंग के अनुसार आपूर्ति करने की बात कर रहे हैं। लेकिन नागरिक इस बात को अन्यथा में लेकर बेवजह परेशान हो रहे हैं।
अफवाहों पर ध्यान न दें
जिले में पेट्रोल-डीजल की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रूप से जारी है। नागरिक ईंधन संकट संबंधी अफवाहों पर विश्वास न करें और अनावश्यक घबराहट या जमाखोरी से बचें। आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदें, ताकि सभी को नियमित आपूर्ति मिलती रहे।
– आशीष येरेकर, जिलाधिकारी
यह भी पढ़ें – मोदी भी तो आसाराम से मिले हैं…बच्चू कडू ने BJP पर दागे सवाल, बोले- उनको पता है कौन-सी CD कब चलाना है
सरकार की नीति जिम्मेदार
अधिकृत सूत्रों का कहना है कि युद्ध के चलते जो स्थिति उत्पन्न हुई है, इसके लिए सरकार की नीति जिम्मेदार है। जब सब कुछ सामान्य था, तब पेट्रोल 67 डॉलर प्रति बैरल की कीमत से मिल रहा था। तब सरकार और कंपनियों ने ईंधन के दर कम नहीं कर, बेहिसाब मुनाफा कमाया। तब देश की कंपनियों को बड़ा अच्छा लग रहा था। अब विपरीत स्थिति निर्माण होने के चलते कीमतों में भारी उछाल आ गया है।
कीमत देने के बाद भी माल नहीं मिलने जैसी स्थिति निर्माण हो गई है। इससे कंपनियों द्वारा अपने नियम में बदलाव कर रही है। इधर सरकार यदि कीमतों में बढ़ोतरी करती है, तो नागरिकों में रोष निर्माण हो सकता है।
इसलिए सरकार तथा कंपनियां अपनी नियमों में बदलाव कर पंप धारक तथा गैस वितरक पर दबाव बनाया जा रहा है। कुल मिलाकर शहर में पेट्रोल डीजल तथा गैस की इतनी कोई खास कमी नहीं है, लेकिन अफवाह के चलते नागरिक बेवजह घबराहट महसूस कर रहे हैं। इसलिए प्रशासन की ओर से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
