मोदी भी तो आसाराम से मिले हैं...बच्चू कडू ने BJP पर दागे सवाल, बोले- उनको पता है कौन-सी CD कब चलाना है

Bachhu Kadu Viral Video Reality: बच्चू कडू का BJP पर बड़ा हमला! अशोक खरात वीडियो विवाद को बताया 'बदनाम करने की साजिश'। पीएम मोदी और फडणवीस का नाम लेकर दागे तीखे सवाल।
Bachhu Kadu slams BJP for 'defamation conspiracy' after his video with tantrik Ashok Kharat went viral. Questions PM Modi & Fadnavis over meetings with such figures.
बच्चू कडू (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Bachhu Kadu Ashok Kharat Viral Video: प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता बच्च्चू कडू की भोंदू बाबा खरात से मिलने की वीडियो जारी होने के बाद कडू ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें बदनाम करने की साजिश भाजपा कार्यालय से रची जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

बच्चू कडू ने बयान में कहा कि अगर संतों से मुलाकात को मुद्दा बनाया जा रहा है, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी आसाराम बापू से मिल चुके हैं, क्या उनसे भी इस्तीफा लिया जाएगा क्या। बापू के मंच पर बीजेपी के चार बड़े मंत्री नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं। क्या उनसे भी सवाल पूछा जाएगा क्या। कडू ने इस मुद्दे को दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।

बच्चू कडू ने दागे सवाल

इस मामले में अशोक खरात से जुड़े विवाद का भी उल्लेख करते हुए कडू ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा बेवजह मुद्दों को तूल दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 वर्ष पहले एक कार्यक्रम के चलते कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक मंदिर में ले गए थे। जहां एक व्यक्ति ने उन्हें फेटा बांधा था। जब कोई अपने से उम्र में बड़ा व्यक्ति आपका सम्मान कर रहा है तो हमारी भी संस्कृति उसके पैर छूने की है। इसलिए मैंने उसके पैर छुए थे।

जब मुझे क्या किसी को पता नहीं था कि वह भोंदू गिरी कर रहा है। खरात से तो बीजेपी के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस भी मिले थे। अमित शाह, शिंदे, चंद्रकांत पाटिल, नार्वेकर जैसे कई बड़े नेता भी मिले उनसे सवाल क्यों नहीं पूछा जा रहा है। क्योंकि बच्चू कडू सीधा सादा गरीब व्यक्ति है इसलिए उसे बदनाम किया जाने का सवाल भी कडू ने मीडिया पर ही दागा।

बाबाओं पर कसें शिकंजा

बच्चू कडू ने कहा कि भाजपा को सब पता है कि कौन-सी सीडी कब निकालना है और किसे बदनाम करना है। वहीं सोचा हुआ प्रोग्राम चला रही है और मीडिया उसका साथ भी दे रहा है। हमें तो कल क्या खाया यह भी पता नहीं रहता तो 4 वर्ष पहले किस व्यक्ति ने हमारे कान में क्या कहा, यह कैसे पता चलेगा।

उन्होंने बड़े-बड़े मठ बांधकर भोंदू गिरी करने वाले बाबाओं पर शिकंजा कसने की मांग भी की है। वे किसी भी प्रकार के दबाव में आने वाले नहीं हैं और जनता के मुद्दों पर काम करते रहेंगे। राजनीतिक बयानबाजी के बीच इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है और आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने की संभावना जताई जा रही है।

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