भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर अनमोल: एपीसीसी जूनियर एम्बेसेडर पार्थ पनपालिया

APCC Junior Ambassador: व्यक्तिमत्व विकास के क्षेत्र में कार्य करने वाली जेसीआय संस्था द्वारा जेसीस से जुड़े सदस्यों के परिवार में से महाराष्ट्र से एकमेव जेसीलेट पार्थ पनपालिया का चयन हुआ।
एपीसीसी जूनियर एम्बेसेडर पार्थ पनपालिया
एपीसीसी जूनियर एम्बेसेडर पार्थ पनपालिया (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Amravati News: जापान में जाकर भारत की संस्कृति को प्रस्तुत करने तथा हमारे देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना यह मेरे लिए इस उम्र में सबसे अनमोल खजाना है, जो जिंदगी भर मुझे याद रहेगा। इन शब्दों में पार्थ पनपालिया ने अपनी भावनाएं व्यक्त की। हाल ही में 12 दिनों की जापान यात्रा कर अमरावती लौटे पार्थ का शहर में भावभीना स्वागत किया गया।

व्यक्तिमत्व विकास के क्षेत्र में कार्य करने वाली जेसीआय संस्था द्वारा जेसीस से जुड़े सदस्यों के परिवार में से कुछ बच्चों का चयन कर उन्हें जापान में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका देती हैं। प्रतिवर्ष 4 बच्चों को मिलने वाले इस अवसर के अंतर्गत इस वर्ष महाराष्ट्र से एकमेव जेसीलेट पार्थ पनपालिया का चयन हुआ था। 12 दिवसीय जापान यात्रा में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

पूरे देश से 4 बच्चों का चयन

बता दें कि पूरे देश से 4 बच्चों का चयन जापान के लिए हुआ था। जिसमें दियांन कविन कुमार (इरोड), रियोना पॉल (मुंबई), दिवेश्री विरामनी गुरुमूर्ति (मदुराई) का समावेश था। अपने 12 दिवसीय यात्रा के दौरान पार्थ को अन्य देशों से आए बच्चों के साथ जुड़ने, उनकी संस्कृति जानने तथा उन्हें भारतीय संस्कृति से परिचय कराने का अवसर मिला।

स्कूल को स्वच्छ-सुंदर रखने का जिम्मा

इस कार्यक्रम अंतर्गत पार्थ एक जापानी परिवार मित्सुहाशी के घर मेहमान बनकर रहा, जहां पर इस परिवार ने पूरे सम्मान के साथ पार्थ की देखभाल की। जापान के विभिन्न शहरों में जाते हुए पार्थ ने होस्ट परिवार के बच्चों के साथ वहां के स्कूलों में भी कुछ दिनों तक शिक्षा ग्रहण की। वहां पर बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी स्कूल को स्वच्छ-सुंदर रखने का जिम्मा भी दिया जाता है।

पार्थ की इस सफलता पर सभी ओर से अभिनंदन

जिसके लिए शाला में उसके लिए कुछ समय निर्धारित किया  जाता है। जिससे बच्चों में छोटी उम्र में ही साफसफाई के साथ-साथ गंदगी ना फैले इसका ध्यान रखने का सबक मिलता है। साथ ही वहां के लोगों का एक-दूसरे के प्रति आदर भी प्रशंसनीय होने की बात पार्थ ने कहीं। शहर के सुप्रसिद्ध व्यक्तिमत्व लकीश एवं श्वेता पनपालिया के सुपुत्र पार्थ की इस सफलता पर सभी ओर से उसका अभिनंदन किया जा रहा है।

पार्थ पनपालिया के शहर आगमन

पार्थ पनपालिया के शहर आगमन पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश चांडक, पूर्व अंचल अध्यक्ष अनिल मुणोत, भरत शर्मा, निर्मल मुणोत, अंचल अध्यक्ष डॉ. कुशल झंवर, अंचल सचिव सौरभ डागा, आशीष मुंधड़ा, पूर्व अध्यक्ष रघु परमार, प्रफुल्ल वानखड़े, आशीष करुले, शुभम माहुलीकर, पंकज कटारिया आदि ने उसका अभिनंदन किया।

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