अमरावती में बदली राजनिती की दिशा, राणा को लगा बड़ा झटका, नीलेश भेंडे ने थामा शिवसेना शिंदे गुट का दामन
Amravati Politics News : अमरावती जिले की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब युवा स्वाभिमान पार्टी के सक्रिय नेता नीलेश भेंडे ने विधायक बच्चू कडू की मौजूदगी में शिवसेना शिंदे गुट में प्रवेश किया।
Ravi Ran (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Shiv Sena Shinde Group News: अमरावती जिले की राजनीति में बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला, जब युवा स्वाभिमान पार्टी के सक्रिय और प्रभावशाली पदाधिकारी नीलेश भेंडे ने शिवसेना शिंदे गुट में प्रवेश कर लिया। खास बात यह रही कि यह प्रवेश विधायक बच्चू कडू की प्रमुख मौजूदगी में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ हुआ, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।बेहद करीबी व सहयोगी थेउल्लेखनीय है कि नीलेश भेंडे लंबे समय से विधायक रवि राणा के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माने जाते थे।
युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए टॉवर आंदोलन हो या इसके अलावा कई आंदोलनों और जनहित के मुद्दों पर उन्होंने आक्रामक भूमिका निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। ऐसे में उनका अचानक पार्टी छोड़ना युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।बच्चू कडू खेमे को मिली नई ताकतशिवसेना शिंदे गुट में शामिल होने के बाद भेंडे ने कहा कि वे अब विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व में जनता के मुद्दों को और मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने दावा किया कि आम लोगों की लड़ाई लड़ने और क्षेत्र के विकास के लिए वे नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे।
बच्चू कडू खेमे को मिली नई ताकत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भेंडे के आने से बच्चू कडू गुट को स्थानीय स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी। खासकर युवा कार्यकर्ताओं में उनकी पकड़ को देखते हुए आगामी चुनावों में इसका असर दिखाई दे सकता है।बढ़ सकती है राणाकडू टक्करइसके पूर्व भी स्वाभिमान पार्टी के अति विश्वस्त कहे जाने वाले जीतू दुधाने ने भी पार्टी छोड़कर ऐन चुनाव के समय विधायक बच्चू कडू का दामन थामा था। मगर इस घटनाक्रम के बाद जिले में विधायक रवि राणा और बच्चू कडू के बीच राजनीतिक संघर्ष और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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नीलेश भेंडे की एंट्री से बदले समीकरण
जिले में बदलाव के संकेतराजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि भेंडे के बाद अन्य कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी बदली, तो युवा स्वाभिमान पार्टी को संगठनात्मक नुकसान उठाना पड़ सकता है। भेंडे के प्रवेश कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की। शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारियों ने इसे जिले की राजनीति में बदलाव का संकेत बताया। वहीं दूसरी ओर युवा स्वाभिमान पार्टी के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर असंतोष और चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
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प्रहार संगठन को मजबूत करने की बात बोले नीलेश भेंडे
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो अमरावती शहर सहित जिले में स्थानीय चुनावों से पहले कई और बड़े चेहरे पाला बदल सकते हैं। भेंडे का यह कदम आने वाले राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।पहले की तरह करेंगे कार्यइस समय नवभारत से फोन पर बात करते हुए नीलेश भेंडे ने कहा कि प्रहार संगठन की मजबूती और उसमें युवाओं को जोड़ने के लिए मेहनत करेंगे। पहले की तरह की अपनी शैली में कार्य करेगे। लोगों की व पीडितों की मदद के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगे।
