Jungle Safari: जंगल सफारी में मोबाइल फोटोग्राफी पर लगा बैन, वन विभाग ने जारी किए निर्देश
Phone Photography Ban: जंगल सफारी की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान पर्यटक जंगल में फोन से फोटो और सेल्फी लेने के शौकी होते है। लेकिन अब पर्यटक फोटोग्राफी नहीं कर पाएंगे।
- Written By: प्रिया जैस
जंगल सफारी (सौजन्य-कंसेप्ट फोटो, नवभारत)
Amravati News: हरिसाल, कोलाम, सेमाडोह और चिखलदरा वनक्षेत्र में जंगल सफारी का आयोजन शुरू हो चुका है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सुबह और शाम दोनों सत्रों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। हालांकि इस बार प्रशासन ने एक सख्त फैसला लेते हुए सफारी के दौरान मोबाइल से फोटोग्राफी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
प्राणियों के व्यवहार में होता है बदलाव
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय वन्यजीवों की सुरक्षा, प्राकृतिक शांति बनाए रखने और पर्यटकों के बीच अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जंगल सफारी का असली उद्देश्य प्रकृति और वन्यजीवों का शांतिपूर्वक और सम्मानजनक निरीक्षण करना है। लेकिन मोबाइल कैमरे की क्लिकिंग और वीडियो शूटिंग के कारण प्राणियों के व्यवहार में बदलाव देखा गया है, जिससे उनकी सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
वन विभाग का उद्देश्य
- वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- पर्यटकों के बीच अनुशासन बनाए रखना
- देखना और समझना, शोर मचाना नहीं
- वन्यजीवों पर तनाव कम होगा
- जंगल में व्यवधान कम होंगे
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कई पर्यटक आते हैं केवल सेल्फी बनाने
इस फैसले से एक ओर जहां प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं को एक अधिक शांत और वास्तविक अनुभव मिलेगा, वहीं बेजा फोटोग्राफी से होने वाले व्यवधानों पर भी अंकुश लग सकेगा। वही वन विभाग अधिकारियों के अनुसार कुछ पर्यटक केवल सेल्फी या वीडियो बनाने के उद्देश्य से जंगल में आते हैं, हम चाहते हैं कि लोग यहां देखने और समझने आएं, न कि शोर मचाकर उन्हें परेशान करने। जो वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकता है।
