अमरावती MLC चुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार और यशोमती ठाकुर में आर-पार; अनिल बोंडे और फडणवीस का तीखा पलटवार
Amravati MLC Election: अमरावती विधान परिषद चुनाव से पहले कांग्रेस में घमासान मच गया है। यशोमती ठाकुर और उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख के आरोपों पर डॉ. अनिल बोंडे और फडणवीस ने तीखा पलटवार किया है।
- Written By: रूपम सिंह
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, यशोमती ठाकुर, अनिल बोंडे ,उम्मीदवार देशमुख (सोर्स: डिजाइन फोटो/ नवभारत)
Amravati MLC Election Devendra Fadnavis: विधान परिषद चुनाव से पहले कांग्रेस में सियासी संग्राम खुलकर सामने आ गया है। पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख पर 15 से 20 करोड़ रुपये लेकर “मैनेज” होने का आरोप लगाया था। वहीं दूसरी ओर देशमुख ने भी पलटवार करते हुए कहा कि मैं नहीं, यशोमती ठाकुर ही भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए मैनेज हुई हैं।
चुनाव मैदान में डटा रहूंगा
नागपुर के एक निजी अस्पताल से मीडिया से बातचीत करते हुए देशमुख ने साफ कहा कि वे चुनाव मैदान में हैं और नाम वापस नहीं लेंगे। वहीं यशोमती ठाकुर ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में चुनाव लड़ रहे हैं तो अस्पताल से बाहर निकलकर मतदाताओं के बीच जाएं।
दोनों नेताओं के बीच खुले आरोप-प्रत्यारोप से कांग्रेस में अंदरूनी कलह चरम पर पहुंच गई है। इस घटनाक्रम के बीच अमरावती में कांग्रेस नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी, जिसमें चुनावी रणनीति और पार्टी की आगे की भूमिका पर चर्चा होने की जानकारी सामने आ रही है। कांग्रेस के भीतर मचे इस घमासान ने अमरावती विधान परिषद चुनाव को और अधिक दिलचस्प तथा चर्चित बना दिया है।
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- यशोमती का दावा: देशमुख ₹15-20 करोड़ में मैनेज हुए
- नागपुर के निजी अस्पताल में भर्ती है हर्षजीत देशमुख
- आरोप-प्रत्यारोप से राजनीतिक माहौल गरमाया
- जिले के मतदाताओं में भ्रम की स्थिति
हार के डर से बौखलाई कांग्रेस बोंडे यशोमती के बयान पर सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने कहा कि कांग्रेस को पता है कि इस बार प्रवीण पोटे भारी मतों से जीत कर आने वाले हैं। इसी कारण वह बौखला गए हैं और पैसों को लेन-देन का आरोप लगा रहे हैं। अगर ऐसा है तो क्या यशोमती ने टिकट देते समय जांच नहीं की थी क्या, या शायद उनके प्रदेश अध्यक्ष ने पूरी जांच की होगी। कांग्रेस की किस्मत में ही हार लिखी हुई है।
4 स्थानों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया, ऐसा लगता है कि अमरावती के कांग्रेस उम्मीदवार को भी इसका जोरदार झटका लगा है, तभी वह अस्पताल पहुंच गया है। यशोमती को जब हार का डर सताता है तो एसआईआर, ईवीएम, इलेक्शन कमीशन नजर आते है। अभी कुछ नहीं मिला तो सीधा अपने ही उम्मीदवार को गद्दार ठहरा दिया, बोंडे ने आगे कहा कि जब कांग्रेस का ही उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं है तो वंचित आघाड़ी का उम्मीदवार कितना जोर लगा लेगा।
कांग्रेस नेताओं ने तबीयत नहीं पूछी
कांग्रेस उम्मीदवार देशमुख ने कहा कि खराब स्वास्थ्य के कारण वे अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनकी तबीयत की जानकारी लेने के बजाय उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के कुछ ही नेता उनसे मिलने आए और बिना तथ्य जाने आरोप लगाने लगे। देशमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा, मैं किसी भी कीमत पर मैनेज होने वाला व्यक्ति नहीं हूं।
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आरोपों के ठोस सबूत पेश किए जाएं
विधान परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विपक्षी आरोपों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हवा में तीर न चलाएं। यदि किसी के पास आरोपों के ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें, सरकार निश्चित रूप से उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के आरोप लगाकर राजनीतिक वातावरण को दूषित करना उचित नहीं है। फडणवीस ने यह भी कहा कि यदि कोई अपने ही उम्मीदवार और पार्टी को संभाल नहीं पा रहा है, तो दूसरों पर आरोप लगाने का कोई औचित्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार किसी भी गंभीर शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए तैयार है, लेकिन आरोपों के साथ ठोस प्रमाण होना आवश्यक है,
