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मेलघाट की आदिवासी महिलाओं द्वारा तैयार विशेष सौर चरखा शाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की गई।
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री को शाल प्रदान की।
शाल को प्राकृतिक पत्तों के आकर्षक प्रिंट से सजाया गया है और इसे खादी ग्रामोद्योग के ‘कुटीर’ ब्रांड के तहत तैयार किया गया।
Amravati Khadi: अमरावती जिले के दुर्गम और आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र की महिलाओं के हुनर ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर अमरावती और पूरे राज्य का नाम रोशन किया है।
सौर ऊर्जे से चलने वाले चरखे के माध्यम से पारंपरिक, आधुनिक और पर्यावरण-पूरक कला का अनूठा संगम रचते हुए मेलघाट की महिलाओं द्वारा तैयार की गई एक विशेष शाल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आदरपूर्वक भेंट की गई। यह प्रसंग मेलघाट की आदिवासी महिलाओं आत्मनिर्भरता, कौशल और उनकी कला को मिला एक बड़ा राष्ट्रीय सम्मान है। की भारत रिन्युअल एनर्जी समिट में मिला
राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित 'भारत मंडपम' में आयोजित 'भारत रिन्युअल एनर्जी समिट 2026' के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के हाथों यह विशेष शाल स्वागत स्वरूप प्रदान की गई।
मेलघाट के खादी ग्रामोद्योग के 'कुटीर' ब्रांड के तहत प्राकृतिक पत्तों के आकर्षक प्रिंट से तैयार की गई यह सौर चरखा शाल अपने आप में अनूठी है। 2 से 5 नवंबर तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा परिषद में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 40 से ज्यादा मंत्री, नीति निर्माता, उद्योजक, निवेशक और ऊर्जा विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
महाराष्ट्र राज्य खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड की पहल पर अमरावती में विकेंद्रित सौर चरखा क्लस्टर की शुरुआत की गई थी। ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण उपक्रम की जिम्मेदारी 'कस्तुरबा सोलर खादी महिला समिति' नामक महिला संस्था द्वारा निभाई जा रही है।