अमरावती: मेलघाट की बदहाली पर भड़के बच्चू कडू, प्रशासन को दी कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

MLA Bachchu Kadu: मेलघाट में बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर विधायक बच्चू कडू ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला है और सुधार न होने पर कलेक्ट्रेट घेरने की चेतावनी दी है।
MLA Bachchu Kadu:
बच्चू कडू (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bachchu Kadu Melghat Protest Warning: अमरावती जिले के मेलघाट क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। क्षेत्र में पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, वन अधिकार और सड़कों की बदहाली को लेकर कुछ महीने पहले 'मेलघाट संघर्ष पदयात्रा' निकाली गई थी। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थितियां जस की तस बनी रहने और कोई ठोस सुधार न होने को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) के फायरब्रांड विधायक बच्चू कडू ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

शिवसेना और प्रहार सामाजिक संगठन के संयुक्त जनसंपर्क अभियान के तहत बच्चू कडू ने धारणी और चिखलदरा तहसीलों के विभिन्न सुदूर गांवों का तूफानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने त्रस्त ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव कर एक तीव्र और उग्र आंदोलन छेड़ेंगे।

नंबर-1 गांवों में भी पानी-बिजली का अकाल

अपने इस सघन दौरे के दौरान विधायक बच्चू कडू 'मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान' में पूरे क्षेत्र में प्रथम स्थान हासिल करने वाले धारणी तहसील के मोगर्दा और चिखलदरा तहसील के गडगाभांडूम गांवों में पहुंचे। वहां उन्होंने अनुकरणीय और बेहतरीन कार्य के लिए ग्रामवासियों और स्थानीय पंचायत का सहृदय अभिनंदन किया। इस खास मौके पर ग्रामीणों ने विधायक कडू का गर्मजोशी से नागरिक सत्कार और स्वागत भी किया, लेकिन सत्कार के इस मंच से ही ग्रामीणों ने अपने गांवों की वास्तविक और कड़वी हकीकत को बयां करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आदर्श गांवों का तमगा मिलने के बावजूद नागरिकों ने क्षेत्र में पानी की भीषण किल्लत, बिजली की लगातार होने वाली आंखमिचौली, जर्जर वेंटिलेटर पर पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं, बदहाल स्कूल, टूटी सड़कें और युवाओं के बीच फैली भयंकर बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं की झड़ी लगा दी।

अधिकारी केवल बैठकें और रिपोर्ट बनाने में व्यस्त

ग्रामीणों की शिकायतों को सुनने के बाद बच्चू कडू ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली और ढुलमुल रवैये पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मेलघाट संघर्ष यात्रा के माध्यम से जब हमने प्रशासन को चेताया था, तो उसके बाद अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। लेकिन आज भी मैदानी हकीकत यह है कि अधिकांश विकास कार्य और योजनाएं सिर्फ सरकारी कागजों और लालफीताशाही की फाइलों तक ही सीमित हैं।

उन्होंने अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि एसी कमरों में बैठने वाले अफसर केवल निरर्थक बैठकें करते हैं और वरिष्ठों को झूठी रिपोर्ट भेज देते हैं; मेलघाट की गरीब आदिवासी जनता के जीवन स्तर को बदलने की उनमें कोई वास्तविक इच्छाशक्ति नजर नहीं आती।

देश छू रहा है प्रगति की ऊंचाइयां

क्षेत्र में बिजली की दयनीय व्यवस्था पर बुरी तरह बिफरते हुए विधायक कडू ने कहा कि एक तरफ देश आज आधुनिकता और प्रगति की नई-नई ऊंचाइयों को छू रहा है, डिजिटल इंडिया की बातें हो रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ मेलघाट की कई बस्तियां, पोड़ा और गांव आज भी रात होते ही पूरी तरह से घुप्प अंधेरे के साम्राज्य में डूब जाते हैं।

उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि ग्रामीणों को नियमित और चौबीस घंटे बिजली न मिलना स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की नाकामी का सबसे बड़ा और जीता-जागता सबूत है। उन्होंने साफ लहजे में अल्टीमेटम दिया है कि अब मेलघाट की जनता और प्रहार संगठन के कार्यकर्ता शांत नहीं बैठेंगे, बल्कि अपने हक के लिए सीधे जिला मुख्यालय पर हल्ला बोलेंगे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com