Amravati News: अमरावती जिलाधिकारी कार्यालय में जिले के प्रकल्पग्रस्तों की समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने की, जबकि बलीराजा प्रकल्पग्रस्त संघर्ष संगठन के संस्थापक अध्यक्ष मनोज चव्हाण प्रमुख रूप से उपस्थित थे.
बैठक में पुराने और नए प्रकल्पों से जुड़े लोगों की समस्याओं पर चर्चा हुई, लेकिन समय की कमी के कारण केवल 25 प्रतिशत प्रकल्पग्रस्तों को ही अपनी बात रखने का मौका मिल पाया. इससे बड़ी संख्या में प्रकल्पग्रस्तों में नाराजगी देखने को मिली.
हर महीने बैठक होगी येरेकर बैठक में मनोज चव्हाण ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया और लंबित समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई. खासकर बेंबला, अप्पर वर्धा और लोअर वर्धा जैसे प्रकल्पों की समस्याएं पिछले 20 वर्षों से लंबित होने पर चिंता व्यक्त की गई.
जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने आश्वासन दिया कि जिन प्रकल्पों की समस्याओं पर चर्चा नहीं हो सकी, उनके लिए हर महीने अलग बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक में संगठन के सचिव गौतम खंडारे, उपाध्यक्ष प्रा. नीलेश ठाकरे, राजीव लोणकर, संजय गिद, मारोतराव भुजबल, मंगेश इंगोले, श्रीकृष्ण बैलमारे के अलावा जिला पुनर्वसन अधिकारी श्रद्धा उदावंत, उपविभागीय अधिकारी अनिल भटकर, अरखराव, जलसंपदा विभाग के अधीक्षक अभियंता राजभोज, कार्यकारी अभियंता गुरव, चौधरी, राऊत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रकल्पग्रस्त महिलापुरुष व युवा मौजूद थे.