चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-नवभारत)
Amravati News: अमरावती जिला विकास एवं नियोजन समिति की बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस वर्ष स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा को प्राथमिकता क्षेत्र मानकर कार्य किए जाएंगे। उन्होंने नियोजन निधि से होने वाले कार्य गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
बैठक में सांसद डॉ. अनिल बोंडे, बलवंत वानखेडे, अमर काले, विधायक धीरज लिंगाडे, संजय खोडके, उमेश यावलकर सहित जनप्रतिनिधि और जिलाधिकारी आशिष येरेकर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजिता महापात्र, मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा, पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद, जिला नियोजन अधिकारी वर्षा भाकरे आदि उपस्थित थे।
पालकमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप जिले में योजनाओं का नियोजन किया जाएगा। मेलघाट क्षेत्र के स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए मेलघाट स्वास्थ्य परिक्रमा चलाई जाएगी। सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में आईसीयू, ब्लड बैंक और रेडिएशन सेंटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला परिषद और मनपा की शालाओं को बेहतर सुविधाएं तथा स्मार्ट क्लासरूम के लिए निधि दी जाएगी। नागरिक सुरक्षा हेतु नगर परिषद क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए गृह विभाग की मार्वल कंपनी के साथ अनुबंध किया जाएगा। आवास योजना से जिले में 1 लाख घर बनाने की योजना है। सभी नागरिकों को संपत्ति कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई। एमडी ड्रग्स की बिक्री और बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। होटल-रेस्टॉरंट को दिए गए लाइसेंस की शर्तों का पालन न करने पर 24 घंटे में लाइसेंस रद्द करने के आदेश दिए गए।
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शहर के राजकमल रेलवे पुल पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए रेलमंत्री और मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। पुल की मरम्मत कर उसे हल्के वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खोलने की संभावना तलाशने के भी निर्देश दिए गए। चिखलदरा में स्कायवॉक प्रकल्प अप्रैल तक पूरा करने और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए चार पर्यटन स्थलों का विकास करने की घोषणा भी पालकमंत्री ने की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागों को 15 सितंबर तक प्रशासनिक मंजूरी तथा 30 सितंबर तक निधि व्यय करना अनिवार्य होगा। निधि खर्च न होने पर संबंधित विभाग प्रमुखों पर कार्रवाई की जाएगी और शेष निधि अन्य विभागों को पुनर्वितरित की जाएगी।