अपर वर्धा बांध के खुले 9 गेट, पर्यटकों की उमड़ी भारी भीड़, गांवों के लिए जारी किया अलर्ट

Amravati News: अमरावती जिले का महत्वपूर्ण बांध अब ओवरफ्लो होने की कगार पर है। इसी कारण अपर वर्धा बांध के 9 गेट खोल दिए है। इसे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ इकट्ठा हो रही है।
Amravati News: अमरावती जिले का महत्वपूर्ण बांध अब ओवरफ्लो होने की कगार पर है। इसी कारण अपर वर्धा बांध के 9 गेट खोल दिए है। इसे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ इकट्ठा हो रही है।
अपर वर्धा बांध पर टूरिस्ट (सौजन्य-नवभारत)
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Amravati Upper Wardha Dam: अमरावती जिले के लिए वरदान अपर वर्धा बांध के 13 में से 9 गेट शाम 5 बजे 40 सेमी तक खोले गए। बांध से 577 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से वर्धा नदी तल में पानी छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में बांध में 482 घन मीटर पानी छोड़ा जा रहा है और लगातार बारिश के कारण जलसंग्रह तेजी से बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के सालबर्डी क्षेत्र से होकर बहने वाली माडू नदी उफान पर है, जिससे अपर वर्धा बांध का जलसंग्रह काफी बढ़ रहा है।

गांवों के लिए अलर्ट

वर्षा और जलाशय परिसंचरण सूची के अनुसार, आने वाले दिनों में जलस्राव में और वृद्धि होने की संभावना है। इसलिए प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में बसे गांवों से सतर्क रहने की अपील की है। गेट खुलते ही, पानी की ठंडक का आनंद लेने और इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए ऊपरी वर्धा बांध क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक उमड़ पड़े हैं। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

पिछले साल की स्थिति

पिछले साल 5 अगस्त को केवल 3 गेट खोले गए थे, जबकि 14 अगस्त को 11 गेट खोलने पड़े थे। उस समय बांध क्षेत्र को आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। हालांकि, इस साल कम बारिश के कारण बांध के गेट खोलने में देरी हुई है।

बीते दिन खोले गए 7 गेट

अमरावती जिले का सबसे बड़ा अपर वर्धा बांध के 28 अगस्त को दोपहर 1 बजे 13 में से 3 गेट 5 सेंटीमीटर तक खोले गए थे। इसके माध्यम से 24.15 घनमीटर प्रति सेकंड से वर्धा नदी में पानी छोड़ा गया था। बांध क्षेत्र में विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद गेट खोले गए थे।

बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही भारी बारिश और जलालखेडा से बहकर आई वर्धा नदी में आई बाढ़ के कारण जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। इसी वजह से गेट क्रमांक 1, 7 और 13 ऐसे 3 गेट खोलकर नियंत्रित रूप से विसर्ग शुरू किया गया। 27 अगस्त को ही वर्धा नदी किनारे बसे गांवों और मछुआरों को सतर्कता का संदेश जारी कर दिया गया था।

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