शिक्षक की मांग को लेकर अभिभावकों का धरना, छात्र संख्या बढ़ने के बावजूद स्कूल हुआ खाली

Anjangaon Surji Parents Protest: अमरावती जिले के अंजनगांव सुर्जी तहसील के कसबे गव्हाण स्थित जिला परिषद माध्यमिक विद्यालय में एकमात्र शिक्षक के स्थानांतरण के बाद स्कूल शिक्षक विहीन हो गया।
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Parents Protest (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Anjangaon Surji News: एक ओर जिला परिषद विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटने के कारण शिक्षकों का अन्य विद्यालयों में समायोजन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्याप्त छात्र संख्या होने के बावजूद एक विद्यालय के एकमात्र शिक्षक का स्थानांतरण कर देने से पूरा विद्यालय शिक्षक विहीन हो गया। इस मामले को लेकर कसबे गव्हाण गांव के अभिभावकों और ग्रामीणों ने पंचायत समिति शिक्षा विभाग के समक्ष धरना आंदोलन किया।फोटोकसबे गव्हाणकसबे गव्हाण स्थित जिला परिषद माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6वीं से 10वीं तक शिक्षा दी जाती है।

पिछले कुछ वर्षों में विद्यालय की छात्र संख्या काफी कम हो गई थी। वर्ष 2025 में विद्यालय में केवल 7 विद्यार्थी ही अध्ययनरत थे। लेकिन अप्रैल 2025 में विद्यालय में नियुक्त हुए शिक्षक सुधाकर बालपांडे ने घरघर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया तथा सरकारी विद्यालयों के महत्व के बारे में जागरूक किया। उनके प्रयासों का परिणाम यह रहा कि वर्ष 2026 में विद्यालय की छात्र संख्या 7 से बढ़कर सीधे 42 तक पहुंच गई। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने वर्तमान छात्र संख्या को ध्यान में न रखते हुए अप्रैल 2025 की पुरानी छात्र संख्या 7 विद्यार्थी के आधार पर शिक्षक समायोजन की प्रक्रिया लागू की।

फूटा अभिभावकों का गुस्सा

परिणामस्वरूप विद्यालय के एकमात्र शिक्षक सुधाकर बालपांडे का स्थानांतरण धारणी पंचायत समिति क्षेत्र में कर दिया गया। इससे विद्यालय पूरी तरह शिक्षक विहीन हो गया और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी। अभिभावकों के आगे झुका प्रशासन ग्रामीणों एवं सरपंच ने इस गंभीर मामले की जानकारी शिक्षा विभाग को दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षा विभाग के इस कथित लापरवाह रवैये के विरोध में 15 जून को पूर्व सभापति एवं पूर्व सरपंच शशीकांत मंगले के नेतृत्व में अभिभावकों ने अंजनगांव सुर्जी स्थित शिक्षा विभाग कार्यालय के सामने धरना आंदोलन शुरू किया।

छात्र संख्या बढ़ने के बावजूद स्कूल हुआ खाली

अभिभावकों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शिक्षा विभाग को अंततः झुकना पड़ा। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दो शिक्षकों को अतिरिक्त प्रभार पर कसबे गव्हाण विद्यालय में नियुक्त किया। साथ ही शिक्षक सुधाकर बालपांडे को धारणी से पुनः कसबे गव्हाण में स्थानांतरित करने हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अनुरोध पत्र भेजे जाने की जानकारी भी आंदोलनकारियों को दी गई तथा उसकी प्रति उन्हें सौंप दी गई। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया।

सड़क पर उतरे अभिभावक

अंजनगांव सुर्जी की प्रभारी समूह शिक्षा अधिकारी शिला आठवले ने कहा कि शिक्षकों का समायोजन हमारे स्तर पर नहीं होता, यह निर्णय वरिष्ठ स्तर से लिया जाता है। फिर भी अभिभावकों की मांग को देखते हुए कसबे गव्हाण विद्यालय में दो शिक्षकों की व्यवस्था कर दी गई है।

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