

Amravati District Hospital Infant Deaths News: अमरावती जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं की मौत के मामले को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। अस्पताल का दौरा कर घटना की जानकारी लेने के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि कुंभमेले के लिए 35 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
लेकिन अस्पताल, स्कूल, डॉक्टर, शिक्षक, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए निधि की कमी बताई जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुंभमेले के आयोजन के खिलाफ नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य और शिक्षा को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
अस्पताल में हुए हादसे को गंभीर और निंदनीय घटना बताते हुए सरकार से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने जिला शल्य चिकित्सक और पीडब्ल्यूडी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज करने की मांग भी की।
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि वर्ष 2022 में भी अस्पताल में ऐसी घटना हुई थी। उस समय समिति गठित कर एक महीने में रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार साल बाद भी रिपोर्ट सामने नहीं आई। अब नौ नवजातों की मौत के बाद फिर समिति गठित की जा रही है। उन्होंने इसे सरकार का समय टालने का प्रयास बताया है।
वडेट्टीवार ने कहा कि घटना को तीन दिन बीतने के बावजूद अभी तक किसी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई है। आठ दिनों में जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो जिलाधिकारी कार्यालय में धरना देने की चेतावनी उन्होंने दी। मृत बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने और बच्चों की जान बचाने वाली नर्स को 5 लाख रुपये का पुरस्कार देने की मांग भी की।
उन्होंने अस्पताल में इस्तेमाल किए जा रहे वेंटिलेटर की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार ये उपकरण चीन से मंगाए गए हैं और इनके डुप्लीकेट होने की आशंका है। उन्होंने वेंटिलेटरों की तत्काल जांच कर जरूरत के अनुसार नए उपकरण लगाने की मांग की। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या ये उपकरण पीएम केयर्स फंड से उपलब्ध कराए गए थे।
वडेट्टीवार ने सरकार पर 'भूमाफिया की सरकार' होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाओं के लिए निधि नहीं होने का दावा किया जाता है, लेकिन कुछ विधायकों के क्षेत्रों में जमीनों के दाम बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये की निधि आवंटित की जा रही है। उन्होंने कहा कि दो विधायक मेडिकल कॉलेज को अपने-अपने क्षेत्र में ले जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ताकि उनके क्षेत्रों में जमीनों के दाम बढ़ सकें।
घटना के बावजूद पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे और सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों के अस्पताल नहीं पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही अस्पतालों में अग्निसुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का नियमित ऑडिट कराने तथा जांच में विपक्ष के दो प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग का पत्र स्वास्थ्य मंत्री को देने की जानकारी दी। प्रेस परिषद में पूर्व पालकमंत्री डॉ। सुनील देशमुख, वीरेंद्र जगताप, पूर्व महापौर विलास इंगोले सहित अन्य उपस्थित थे।
रोहित पवार के कांग्रेस में प्रवेश की चर्चा पर विजय वडेट्टीवार ने कहा कि वे प्रगतिशील विचारों वाले नेता हैं और महाविकास आधाड़ी के साथ है। कांग्रेस में प्रवेश का निर्णय उनका अपना है, लेकिन आधाड़ी के साथ रहने पर कांग्रेस उनका स्वागत करेगी।