केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो)
अमरावती. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पत्रकारों के कार्य में बढ़ते हस्तक्षेप पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीति बदल गई है। मौजूदा समय में यदि किसी नेता के खिलाफ कोई खबर छपती है तो तुरंत संपादक को फोन आ जाता है। पत्रकारों से सच लिखने की अधिकार नहीं छीनना चाहिए। लोकतंत्र 4 स्तंभों पर खड़ा है, लेकिन अगर वे चार स्तंभ संतुलन में नहीं हैं, तो लोकतंत्र खतरे में है।
अमरावती में आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि हमारा लोकतंत्र इंग्लैंड और अमेरिका से भी अधिक गहरा है। इसमें मीडिया का काम लोगों को जागरूक करना है। मुझे याद है कि देश जब भी संकट में आया तब पत्रकारों के मार्गदर्शन को कोई भूल नहीं सकता। लोकमान्य तिलक ने अंग्रेजी समाचार पत्रों को स्पष्ट कह दिया था। लेकिन आजादी के बाद की स्थिति और आज की स्थिति में बहुत बड़ा अंतर है। ऐसे में लोकतंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। उसे स्वीकार करना हमारा काम है।
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नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि जो गलत है उसे छापना मीडिया का काम है, पत्रकारों को गलत लिखने का अधिकार है, लिखने का अधिकार खत्म नहीं किया जाना चाहिए। गडकरी ने कहा, आज हमारे देश में मतभेद कोई समस्या नहीं है। विचार शून्यता ही समस्या है। जो हमारी विचारधारा थी, उसके अनुरूप बाला साहब मराठे ने हिंदुस्तान को दिशा दी, नए विधायक बने थे।
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गडकरी ने कहा कि आज हिंदुस्तान ने जिस पत्रकारिता को संस्कारित किया है। उस पत्रकारिता और विचार का हम सभी सम्मान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो व्यक्ति पिछले जन्म में पाप करता है वह अगले जन्म में चीनी फैक्ट्री खोलेगा या अखबार प्रकाशित करेगा। उनके इस बयान के बाद बैठक में गडकरी के बयान पर खूब हंसी-मजाक हुआ।