धारणी में रूह कंपा देने वाला हादसा! सिपना नदी में डूबने से दो सगी बहनों की मौत, गांव में पसरा मातम

Sipna River Drowning: धारणी के दिया गांव में मातम! सिपना नदी में डूबने से दो सगी बहनों की मौत। छोटी बहन को बचाने के चक्कर में बड़ी ने भी गंवाई जान। जानें सिपना नदी के गहरे पानी का खौफनाक सच।
Heartbreaking incident in Dharni: Two minor sisters, Astha (12) and Anu (14), drowned in Sipna River. Elder sister lost her life while trying to save her younger sibling.
सिपना नदी में डूबने से 2 सगी बहनों की मौत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Sipna River Sisters Drowning: धारणी जिले के धारणी तहसील के अंतर्गत आने वाले दिया गांव में रविवार की सुबह हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सिपना नदी में नहाने गई दो सगी बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे में बड़ी बहन ने छोटी बहन को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

नहाने के दौरान हुआ हादसा

पुलिस सूत्रों के अनुसार दिया गांव निवासी आनंद गिरी की दो नाबालिग बेटियां आस्था (12 वर्ष) और अनु (14) रविवार सुबह करीब 11 बजे गांव के ही कुछ अन्य बच्चों के साथ पास ही स्थित सिपना नदी पर नहाने गई थीं। बच्चे नदी के पानी में खेल रहे थे, तभी अचानक छोटी बहन आस्था गहरे पानी की चपेट में आ गई और डूबने लगी।

आस्था को डूबता देख किनारे पर खड़ी बड़ी बहन अनु ने एक पल की भी देरी नहीं की और उसे बचाने के लिए तुरंत नदी में छलांग लगा दी। अनु ने अपनी छोटी बहन को मौत के मुंह से बाहर निकालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण दोनों बहनें खुद को संभाल नहीं पाईं। देखते ही देखते दोनों की आंखों के सामने जल समाधि हो गई।

गांव में पसरा मातम

चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत धारणी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों बहनों के शवों को नदी से बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए धारणी के उपजिला अस्पताल भेज दिया गया है। धारणी पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा कर आकस्मिक मृत्यु (मर्ग) का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से गर्मी के मौसम में बच्चों को अकेले नदी या जलाशयों की ओर न भेजने की अपील की है।

उजड़ गया परिवार का आंगन

बताया जा रहा है कि आनंद गिरी के कुल तीन बच्चे थे, जिनमें ये दो बेटियां और एक बेटा शामिल था। एक साथ दो बेटियों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में चूल्हा तक नहीं जला है।

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