Amravati News: दर्यापुर तहसील के सांगवा ग्राम पंचायत को इस वर्ष प्रतिष्ठित ‘आर.आर. आबा सुंदर गांव’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। गांव को प्रथम क्रमांक के लिए 40 लाख रुपये, तहसील स्तर पर 10 लाख रुपये तथा संत गाडगेबाबा ग्राम स्वच्छता अभियान के तहत द्वितीय पुरस्कार के रूप में 4 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।
लेकिन पुरस्कार मिलने के बाद गांव की जमीनी हकीकत ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने ही कचरे का अंबार और गंदगी दिखाई दे रही है, जिससे ‘सुंदर गांव’ के दावे पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि गांव के कई हिस्सों में कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां गंदगी से भरी हुई हैं और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता का अभाव है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने ही गंदगी फैली हुई है।
बताया जा रहा है कि पुरस्कार के लिए निरीक्षण समिति ने गांव का दौरा किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या निरीक्षण के दौरान यह स्थिति नजर नहीं आई, या फिर किन मानकों के आधार पर गांव को प्रथम स्थान दिया गया।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गांव के लोगों का आरोप है कि वास्तविक स्थिति के विपरीत कागजी रिपोर्ट तैयार कर ग्रामसेवक ने शासन को गुमराह किया और पुरस्कार हासिल किया। सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति खराब होने के बावजूद गांव को सम्मान मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।
फिलहाल, इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पुरस्कार वितरण की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।