थाने में दंपति का आत्मदाह का प्रयास (सौजन्य-नवभारत)
Khallar Police Station Murder Case: दर्यापुर थाने में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक दंपत्ति ने अपने ऊपर डीजल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया। पुलिस की तत्परता के कारण समय रहते उन्हें रोक लिया गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस ने आत्मदाह का प्रयास करने वाले पति-पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
यह पूरा विवाद खल्लार थाने के अंतर्गत आने वाले रामगांव में हुई एक हत्या और उसकी जांच से जुड़ा है। मृतक रामभाऊ भगवानजी झिपरकर की बहू सारिका संजय झिपरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 मई 2025 को आरोपियों ने मिलीभगत कर उनके घर पर हमला किया और लोहे की रॉड व लाठियों से रामभाऊ की हत्या कर दी।
सारिका झिपरकर का आरोप है कि खल्लार के थानेदार रवीन्द्र बारड ने शुरू से ही जांच में लापरवाही बरती और आरोपियों के साथ सांठगांठ की। न्याय न मिलने से आहत होकर सारिका झिपरकर और उनके पति संजय रामभाऊ झिपरकर (50) ने पहले ही आत्मदाह की चेतावनी दी थी। जिसके तहत शुक्रवार की सुबह लगभग 11.30 बजे जैसे ही वे दर्यापुर थाने के पास पहुंचे और अपने ऊपर डीजल उड़ेलना शुरू किया, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया।
पीड़ित परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक से इस मामले की जांच किसी अन्य निष्पक्ष अधिकारी से कराने, जांच में जानबूझकर ढिलाई बरतने वाले थानेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, आरोपियों की जमानत रद्द करवाकर उन्हें पुनः जेल भेजने की मांग की थी। फिलहाल दर्यापुर पुलिस इस संवेदनशील मामले को देखते हुए आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।
इस मामले में सभी 9 आरोपियों को उसी समय गिरफ्तार किया था। जांच कर जो धारा लागू है, वह धारा अपराध में लगाई गई थी। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया था।
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आरोप है कि हत्या का स्पष्ट मामला होने के बावजूद, चार्जशीट (दोषारोप पत्र) दाखिल करते समय गंभीर धाराओं को हटा दिया गया और इसे कमजोर केस बना दिया। थानेदार की इस कथित मदद के कारण आरोपियों को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई।
जमानत मिलने के बाद से ही आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को परेशान कर रहे हैं। परिवार ने 21 मई 2025 और फिर 27 जनवरी 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।