कांग्रेस तहसील अध्यक्ष भारसाकले का इस्तीफा, दर्यापुर में फिर खुलकर सामने आई गुटबाजी
Daryapur Congress News: दर्यापुर में कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। तहसील कांग्रेस अध्यक्ष सुधाकर पाटिल भारसाकले ने वरिष्ठ नेताओं पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया।
Congress (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Daryapur Political Dispute News: दर्यापुर तहसील में कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही आंतरिक गुटबाजी और नाराजगी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। तहसील कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुधाकर पाटिल भारसाकले ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देते हुए उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की कार्यशैली पर सीधे सवाल उठाए हैं। उनके इस फैसले से तहसील के कांग्रेस गलियारों में हड़कंप मच गया है और कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस और असंतोष का माहौल है।
भारसाकले ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों को अब मेरे नेतृत्व पर भरोसा नहीं रह गया है, इसलिए अध्यक्ष पद पर बने रहने का अब कोई औचित्य नहीं रह जाता। उनके इस बयान से पार्टी के भीतर के मतभेद अब पूरी तरह से सार्वजनिक हो गए हैं।
9 वर्षों की निष्ठा को किया गया दरकिनार
भारसाकले ने दावा किया कि उन्होंने पिछले 9 वर्षों से कांग्रेस पार्टी के लिए दिनरात मेहनत की और संगठन को मजबूत बनाने का काम किया। गांव स्तर से लेकर तालुका स्तर तक पार्टी का ढांचा खड़ा किया, कई नए कार्यकर्ताओं को जोड़ा और स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी को जीत दिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
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सांसद वानखड़े और भतीजे पर पक्षपात के आरोप
साथ ही, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी उनका बड़ा योगदान रहा। लेकिन इतने वर्षों की वफादारी के बाद भी उन्हें नजरअंदाज किए जाने से वे आहत हैं। विशेष रूप से, उन्होंने पार्टी में हाल ही में की गई नई नियुक्तियों पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि सांसद बलवंत वानखड़े और उनके भतीजे नितेश वानखड़े की मर्जी के मुताबिक उनके करीबियों को महत्वपूर्ण पद सौंपे गए हैं।
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पुराने कार्यकर्ताओं में भी असंतोष बढ़ता जा रहा
भारसाकले ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि इन नियुक्तियों के दौरान मुझे बिल्कुल भी विश्वास में नहीं लिया गया। संगठन में जो लोग सालों से जमीन पर काम कर रहे थे, उन्हें दरकिनार कर कुछ चुनिंदा लोगों की पसंद के हिसाब से फैसले लिए जा रहे हैं।
सांसद बलवंत वानखड़े इस घटनाक्रम के बाद दर्यापुर में कांग्रेस के भीतर दो गुट स्पष्ट रूप से आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहां वरिष्ठ नेताओं के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुराने कार्यकर्ताओं में भी असंतोष बढ़ता जा रहा है।
