महाबोधी महाविहार की मुक्ति के लिए Amravati में बौद्धों का जनआक्रोश मोर्चा!
बिहार के बोधगया में स्थित महाबोधी महाविहार को बौध्दों के कंट्रोल में लाने की डिमांड पूरे देश में तेज हो रही है। इसको लेकर Amravati के डॉ बाबासाहेब आंबेडकर चौक से मोर्चे की शुरुआत हुई।
- Written By: अपूर्वा नायक
जनआक्रोश आंदोलन (सौ. सोशल मीडिया )
Amravati News In Hindi: बुद्धगया स्थित महाबोधी महाविहार को बौद्धों के नियंत्रण में लाने की मांग को लेकर भारतीय बौद्ध महासभा के नेतृत्व में बुधवार को हजारों बौद्ध अनुयायियों ने जोरदार जन आक्रोश मोर्चा निकाला।
सतत बारिश के बावजूद भीम अनुयायियों का जोश ठंडा नहीं हुआ और उन्होंने बुद्ध, धम्म व संघ की अस्मिता रक्षण के लिए आवाज बुलंद की। इस अवसर पर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री को हजारों हस्ताक्षर युक्त निवेदन भेजा गया, जिसमें महाबोधी विहार को बौद्धों को सौंपने की मांग प्रमुखता से की गई।
महाबोधी महाविहार की मुक्ति के लिए भरी जोरदार हुंकार
मोर्चा की शुरुआत डॉ बाबासाहेब आंबेडकर चौक से हुई। मोर्चा रानी दुर्गावती चौक होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक शांतिपूर्ण तरीके से पंचशील ध्वजों सहित निकाला गया। मोर्चे के दौरान महाबोधी महाविहार को निजी हाथों के नियंत्रण से मुक्त किया जाने, बौद्ध अनुयायियों को वहां पूर्ण धार्मिक अधिकार मिलने, महू की जन्मभूमि और नागपुर की दीक्षाभूमि का प्रशासन भारतीय बौद्ध महासभा को सौंपा जाने तथा बी टी एक्ट 1949 को रद्द किया जाने की मांग की। मोर्चे के दौरान महाबोधी विहार मुक्त कराओ, बुद्ध की धरती बौद्धों को वापस दो, बीटी एक्ट रद्द करो जैसे अनेक नारे लगाए गए।
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मोर्चे में विजयकुमार चौरपगार, प्रा प्रकाश बोरकर, संजय चौरपगार, डॉ। मुकेश सरदार, नयन मोंढे, माया धांडे, संगीता सरदार, रमेश बडगे, विद्या वानखडे, पुष्पा बोरकर, एड। प्रमोद वानखडे, अंजना आठवले, सुनीता कवाडे आदि सहित भारतीय बौद्ध महासभा, समता सैनिक दल, भिक्खु संघ, महिला मंडल और जिले की आंबेडकरी विचारधारा की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व राजनैतिक संगठनों के पदाधिकारी तथा हजारों उपासक व उपासिकाएं उपस्थित थी।
