उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजन, विभिन्न तहसीलों के 25 से अधिक गांवों में
अमरावती जिले में दुर्गापुर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 25 से अधिक गांवों में किसानों को शिक्षित करने के लिए आयोजित किया.
Amravati District : अमरावती जिले की खेती को अधिक उत्पादक, लाभदायक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से दुर्गापुर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा एक विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है.
7 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान अब तक क्षेत्र के विभिन्न तहसीलों के 25 से अधिक गांवों में सफलतापूर्वक पहुंच चुका है. फोटोजागरूकतायह अभियान केवीके दुर्गापुर के प्रमुख डॉ. के.पी. सिंह के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है. इसमें किसान सम्मेलन, प्रदर्शन, फार्म स्कूल और समूह चर्चाओं के माध्यम से किसानों को शिक्षित किया जा रहा है.
विषय विशेषज्ञ डॉ. हर्षद ठाकुर किसानों को मिट्टी परीक्षण के बिना उर्वरकों का उपयोग न करें का संदेश दे रहे हैं. किसानों को राइजोबियम, एज़ोटोबैक्टर, पीएसबी और केएसबी जैसे जैविक उर्वरकों के साथसाथ जीवामृत, कंपोस्ट और हरी खाद के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों के बारे में किसानों को गहन प्रशिक्षण और सूचनात्मक पोस्टर्स वितरित किए जा रहे हैं.
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सफलता के लिए प्रतापराव जायले, डॉ. अर्चना काकडे, पी.एच. महल्ले, महेश आखुड, राहुल घोगरे सहित केंद्र के सभी विशेषज्ञ और कर्मचारी विशेष प्रयास कर रहे हैं. खेती अधिक टिकाऊ बनेगीडॉ. के.पी. सिंह ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस पहल से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी.
आने वाले समय में यह अभियान नांदगांव खंडेश्वर, अमरावती और भातकुली तहसीलों के अधिक से अधिक गांवों तक विस्तारित किया जाएगा. इस मुहिम का मुख्य संकल्प मिट्टी बचाओ खेती बचाओ के संदेश को हर किसान तक पहुंचाना है.
